पौड़ी : उत्तराखंड के पौड़ी जिले में मानव–वन्यजीव संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार सुबह पौड़ी विकासखंड के गजल्ट गांव में गुलदार ने 45 वर्षीय राजेंद्र नौटियाल पर हमला कर उनकी जान ले ली। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत फैल गई और आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग की टीम को ग्रामीण भवन के एक कमरे में बंद कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
“गुलदार को शूट करने की अनुमति दी जाए” — ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों का कहना है कि गांव और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से गुलदार की सक्रियता बढ़ी हुई है।
कई बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
लोगों की मांग है कि लगातार हो रहे हमलों को देखते हुए गुलदार को शूट करने की अनुमति तुरंत जारी की जाए, ताकि किसी और की जान खतरे में न पड़े।
घटना कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, राजेंद्र नौटियाल रोज की तरह मंदिर से पूजा कर लौट रहे थे, तभी जंगल के रास्ते में घात लगाए गुलदार ने उन पर हमला कर दिया।
हमला इतना भीषण था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
गांव में चीख-पुकार मच गई और पूरे इलाके में मातम पसर गया।
वन विभाग पर गंभीर आरोप
हमले के बाद भड़के ग्रामीणों ने वन विभाग टीम को घेरकर एक कमरे में बंद कर दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि—
विभाग सिर्फ औपचारिकता निभा रहा है
कई बार सूचना देने के बावजूद न पिंजरा लगा, न ट्रैप कैमरे
समय रहते कार्रवाई होती तो आज मौत नहीं होती
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जब तक DFO और उच्च अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचते और गुलदार को शूट करने का आदेश नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बच्चों और महिलाओं में दहशत
गुलदार का आतंक इतना बढ़ गया है कि
स्कूली बच्चे रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं
कॉलेज जाने वाली छात्राएं खतरे में हैं
महिलाएं और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने से डर रहे हैं
दिन में भी सुनसान इलाके में जाना खतरनाक हो गया है
वन विभाग का पक्ष
रेंजर दिनेश नौटियाल गांव पहुंचे और लोगों को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि—
घटना स्थल के पास पिंजरा लगाया जाएगा
ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे
गुलदार को शूट करने की अनुमति के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा गया है
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि आश्वासन काफी नहीं, अब कार्रवाई ज़रूरी है।










