बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुस्लिम महिला का हिजाब हटाने से जुड़े घटनाक्रम पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी तूल पकड़ लिया है, जहां पाकिस्तान ने इसे लेकर भारत पर सवाल खड़े किए हैं।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री और उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रतिक्रिया देते हुए इस घटना को “शर्मनाक” करार दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा और इस्लामोफोबिया की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकने की तत्काल जरूरत को उजागर करता है। डार ने यह भी कहा कि किसी भी समाज में महिलाओं और धार्मिक आस्थाओं के प्रति सम्मान एक मौलिक और गैर-समझौता योग्य सिद्धांत होना चाहिए।
इस बीच, पाकिस्तान ह्यूमन राइट्स काउंसिल ने भी इस घटना की निंदा करते हुए भारत सरकार से तत्काल, पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिषद ने X पर जारी बयान में कहा कि यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति का अपमान नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा, धार्मिक स्वतंत्रता, महिलाओं की व्यक्तिगत स्वायत्तता और मौलिक मानवाधिकारों पर सीधा हमला है, जो किसी भी लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था में अस्वीकार्य है।
घटना को लेकर बढ़ते विवाद के बीच बिहार सरकार में मंत्री जमा खान मुख्यमंत्री के समर्थन में सामने आए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले में किसी भी प्रकार की दुर्भावना नहीं थी। मीडिया से बातचीत में जमा खान ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समाज के हर वर्ग के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने महिला डॉक्टर को अपनी बेटी की तरह सम्मान दिया और एक अभिभावक की भावना से व्यवहार किया। मंत्री के अनुसार, मुख्यमंत्री को इस बात पर गर्व था कि अल्पसंख्यक समुदाय की एक बेटी ने उनकी सरकार में सफलता हासिल की है।









