उत्तराखंड की प्रतिष्ठित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी में शनिवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक युवक फर्जी UPSC परिणाम के आधार पर IAS प्रशिक्षण के लिए अकादमी पहुंच गया। मामले की संदिग्धता सामने आते ही अकादमी प्रशासन ने पुलिस, एलआईयू और आईबी को सूचना दी।
जानकारी के अनुसार, युवक अपने माता-पिता के साथ रोजमर्रा का सामान लेकर LBSNAA पहुंचा था। दस्तावेजों की जांच के दौरान जब UPSC परिणाम पर संदेह हुआ, तो अकादमी प्रशासन ने तुरंत मसूरी कोतवाली को सूचित किया। इसके बाद युवक को पुलिस पूछताछ के लिए ले जाया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि युवक स्वयं किसी ठग गिरोह का शिकार हुआ है। फर्जी UPSC रिजल्ट दिखाकर उससे परीक्षा पास कराने का झांसा दिया गया था। युवक वर्तमान में MBA की पढ़ाई कर रहा है और एक निजी कंपनी में कार्यरत है।
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार, युवक की पहचान पुष्पेश सिंह के रूप में हुई है, जो मूल रूप से अरियाव, थाना दाउतपुर, जिला सारण (बिहार) का निवासी है और वर्तमान में गुरुग्राम (हरियाणा) में रह रहा है।
ठगों ने वर्ष 2023 में WhatsApp के जरिए उसे फर्जी UPSC रिजल्ट भेजा और परीक्षा पास कराने के नाम पर—
₹13,000 नकद
₹14,564 UPI के माध्यम से
कुल ₹27,564 की ठगी की।
चूंकि ठगी की रकम और संपर्क गुरुग्राम से जुड़े पाए गए हैं, इसलिए मसूरी कोतवाली में जीरो एफआईआर दर्ज कर केस को आगे की जांच के लिए गुरुग्राम भेजा जा रहा है।
यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2015 में भी LBSNAA में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रूबी चौधरी नामक महिला को प्रशिक्षण दिए जाने का मामला सामने आया था, जिसमें अकादमी के एक डिप्टी डायरेक्टर की भूमिका भी उजागर हुई थी।
ताजा घटना के बाद एक बार फिर LBSNAA की सुरक्षा और सत्यापन प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। एलआईयू, आईबी और पुलिस संयुक्त रूप से जांच कर रही हैं कि फर्जी UPSC रिजल्ट बनाने वाला गिरोह कहां तक फैला है
इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं










