उधमसिंह नगर : ऊधमसिंह नगर जिले के बाजपुर क्षेत्र में जमीन से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला परमजीत कौर और उनके पुत्र अवतार सिंह ने गदरपुर से भाजपा विधायक एवं पूर्व शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे और उनके भाई अमर पांडे पर धोखाधड़ी के जरिए जमीन लीज पर लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने कार्रवाई की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया और आत्मदाह की चेतावनी तक दे डाली, जिससे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
परमजीत कौर का आरोप है कि वर्ष 2019 में विधायक के भाई अमर पांडे ने उनकी लगभग एक हेक्टेयर कृषि भूमि को 30 साल की लीज पर लेने की बात कही थी। लेकिन कागजी प्रक्रिया के दौरान उन्हें गुमराह कर पूरी जमीन अपने नाम दर्ज करा ली गई। महिला का कहना है कि प्रारंभ में केवल एक एकड़ भूमि की लीज तय हुई थी, जबकि दस्तावेजों में पूरी भूमि शामिल कर ली गई।
मामले को लेकर बुजुर्ग महिला और उनके बेटे ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने गदरपुर विधायक के आवास के सामने सामूहिक आत्मदाह की चेतावनी दी। गुरुवार सुबह वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। हालांकि, वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
सूचना मिलते ही बाजपुर की एसडीएम डॉ. अमृता शर्मा ने पीड़ित परिवार से वार्ता की और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। एसडीएम के निर्देश पर तहसीलदार, सहायक चकबंदी अधिकारी और पुलिस की संयुक्त टीम गठित कर मामले की जांच शुरू कर दी गई। प्रशासन से कार्रवाई के भरोसे के बाद करीब चार घंटे चले धरने को शाम को समाप्त कर दिया गया।
वहीं, विद्या ज्योति एजुकेशन सोसायटी के अधिवक्ता राजेश पांडे ने बताया कि यह मामला वर्तमान में सिविल कोर्ट बाजपुर में विचाराधीन है और अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश के बाद ही सामने आएगा।
दूसरी ओर, गदरपुर विधायक अरविंद पांडे ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए उन्हें राजनीतिक साजिश करार दिया है। गुरुवार को बाजपुर स्थित चीनी मिल गेस्ट हाउस में पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक ने कहा कि वह किसी भी स्तर की जांच के लिए तैयार हैं और स्वयं इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हैं।
विधायक पांडे ने कहा, “यदि मैं या मेरे परिवार का कोई सदस्य दोषी पाया जाता है, तो जो भी सजा मिलेगी, मैं उसे स्वीकार करूंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि बुजुर्ग महिला उनकी मां के समान हैं और उनके संस्कार किसी भी तरह के छल या अन्याय की अनुमति नहीं देते। फिलहाल, प्रशासनिक जांच और न्यायालयीन प्रक्रिया के बीच यह मामला जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।










