जंगल से सटे आबादी क्षेत्रों में गुलदारों की बढ़ती आवाजाही अब ग्रामीणों के लिए गंभीर खतरे का रूप लेती जा रही है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के अंतर्गत आने वाले छोई गांव में गुलदार ने एक बार फिर बेखौफ होकर रिहायशी इलाके में हमला किया है। इस बार गुलदार ने रात के समय एक पालतू कुत्ते को मार डाला, पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
जानकारी के अनुसार, 19 जनवरी की रात गुलदार ने पूर्व ग्राम प्रधान भगवती जोशी और भाजपा कार्यकर्ता हेम जोशी के पालतू कुत्ते पर हमला किया। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि गुलदार घर के आंगन में घुसता है, कुत्ते पर झपट्टा मारता है और फिर उसे जबड़े में दबोचकर खींचते हुए ले जाता है।
घटना के बाद पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल है। पूर्व ग्राम प्रधान और उनके पति ने वन विभाग से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और गुलदार की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रामनगर वन क्षेत्र से सटे इलाकों में गुलदार बड़ी संख्या में गन्ने के खेतों, बाग-बगीचों और खाली प्लॉट्स में छिपे रहते हैं। पालतू कुत्ते गुलदारों का सबसे आसान शिकार बनते जा रहे हैं। यही कारण है कि ग्रामीण इलाकों में अक्सर घरों के बाहर घूमते गुलदारों के वीडियो सीसीटीवी कैमरों में कैद हो रहे हैं।
गौरतलब है कि बीते वर्ष भी छोई गांव में गुलदार की मौजूदगी से हड़कंप मच गया था, जब भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे देवी दत्त दानी के होम स्टे में गुलदार पर्यटकों के कमरे के बाहर टहलता हुआ देखा गया था।
लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय बढ़ता जा रहा है और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने गुलदारों को आबादी से दूर रखने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।










