देहरादून : देश का आम बजट अब बस एक दिन दूर है। 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में लगातार नौवीं बार बजट पेश करेंगी। इस बार बजट को लेकर एक और खास बात यह है कि लगभग एक दशक बाद यूनियन बजट रविवार के दिन पेश किया जाएगा, जिससे आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
बजट से पहले राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने केंद्र सरकार से लोअर मिडिल क्लास और मिडिल क्लास को बड़ी राहत देने की जोरदार मांग की है। उन्होंने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की जिंदगी बेहद मुश्किल बना दी है।
हरीश रावत का कहना है कि आज रोजमर्रा की जरूरतें, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं आम परिवार की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं। मध्यम वर्ग पर लगातार बढ़ता आर्थिक दबाव चिंता का विषय बन चुका है। ऐसे में बजट के जरिए ठोस राहत देना बेहद जरूरी है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने शिक्षा ऋण को लेकर भी सरकार का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि एजुकेशन लोन पर लगने वाली ऊंची ब्याज दरें छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बड़ी समस्या बन गई हैं। अगर सरकार इसमें कटौती करती है तो लाखों परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा।
हरीश रावत ने उम्मीद जताई कि इस बार का बजट महंगाई, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे अहम मुद्दों पर राहत लेकर आएगा और निम्न व मध्यम वर्ग की आर्थिक परेशानियों को कुछ हद तक कम करेगा। अब पूरे देश की नजरें 1 फरवरी को पेश होने वाले आम बजट पर टिकी हैं।










