देहरादून : प्रदेश में गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर आयोजित पुलिस परेड की मर्यादा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। राज्य के दो आईपीएस अधिकारियों का रवैया कार्यक्रम की गरिमा के अनुरूप नहीं पाया गया, जिसके बाद मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, हरिद्वार में तैनात एक आईपीएस अधिकारी पर आरोप है कि वे सेरेमोनियल यूनिफॉर्म के बजाय सामान्य वर्दी में परेड में शामिल हुए, जबकि नियमों के तहत राष्ट्रीय पर्व पर पूर्ण औपचारिक वर्दी अनिवार्य होती है। वहीं, देहरादून में तैनात दूसरे आईपीएस अधिकारी ने परेड में भाग लेना ही उचित नहीं समझा।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय आयोजनों में राजपत्रित और अराजपत्रित अधिकारियों की उपस्थिति और वर्दी को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी किए जाने को गंभीर माना जा रहा है।
मामले के संज्ञान में आने के बाद दोनों अधिकारियों से लिखित स्पष्टीकरण तलब किया जाएगा। इस पूरे प्रकरण की जांच आईजी मुख्यालय डॉ. सदानंद दाते को सौंपी गई है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि नियमों के उल्लंघन की परिस्थितियां क्या थीं और क्या इसमें लापरवाही बरती गई।
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने कहा कि राष्ट्रीय पर्वों की गरिमा सर्वोपरि है और इस तरह की लापरवाही को हल्के में नहीं लिया जा सकता। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।










