देहरादून :उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में तिब्बती मार्केट के पास दिनदहाड़े गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा की गोली मारकर हत्या के मामले में पुलिस ने रात बड़ी कार्रवाई की है। हत्याकांड के मुख्य आरोपियों राजू राणा और पंकज राणा (दोनों भाई) को देर रात अलग-अलग स्थानों लाडपुर के जंगलों एवं डोईवाला के जंगलों पर एनकाउंटर में घायल कर गिरफ्तार किया गया। दोनों के पैरों में गोली लगी है और उन्हें कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार है कि यह हत्या कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के तहत भी होने की संभावना है । दोनों आरोपी यमकेश्वर, पौड़ी गढ़वाल के मूल निवासी हैं। खास बात यह है कि राजू राणा पहले भी अपने पिता की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब दोनों आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड्स की गहन जांच कर रही है, जिसमें अन्य क्राइम हिस्ट्री और संभावित गैंग कनेक्शन भी शामिल हैं।
घटना का क्रम और लेटेस्ट डिटेल्स:
बुधवार सुबह ≈10:30 बजे: तिब्बती मार्केट (कोतवाली डालनवाला क्षेत्र) के पास अर्जुन शर्मा (40-42 वर्ष, अमरदीप गैस एजेंसी मालिक) टेनिस खेलकर लौट रहे थे। दो स्कूटी सवार हमलावरों ने उन पर सीधे निशाना साधकर गोली चलाई। सीने में गोली लगने से मौके पर ही मौत हो गई।
प्रारंभिक जांच: 30-40 करोड़ रुपये की संपत्ति/परिवारिक व्यापार विवाद का मामला सामने आया। मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने सास बीना शर्मा, विनोद उनियाल, संगीता उनियाल और डॉ. अजय खन्ना (एस.के. मेमोरियल हॉस्पिटल) पर साजिश का आरोप लगाया। अर्जुन ने पहले पुलिस को जान का खतरा बताते हुए शिकायत की थी।
पुलिस एक्शन: SSP देहरादून के निर्देश पर स्पेशल टीमें गठित की गईं। सीसीटीवी, खुफिया सूचनाओं और चेकपोस्ट से आरोपियों को ट्रैक किया गया।
देर रात एनकाउंटर:
पुलिस को सूचना मिली कि आरोपियों ने जंगली इलाकों में शरण ली है।
मुठभेड़ के दौरान दोनों ने फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में फायरिंग की। नियंत्रित फायरिंग से दोनों के पैर घायल हुए और वे सरेंडर करने को मजबूर हुए।
कॉन्ट्रैक्ट किलिंग एंगल: सूत्रों के अनुसार, हत्या परिवारिक विवाद के अलावा किसी बाहरी कॉन्ट्रैक्ट के तहत होने की संभावना है । आरोपियों से पूछताछ में बड़े खुलासे की उम्मीद है, जिसमें हायर करने वाले का नाम भी सामने आ सकता है।
देहरादून में पिछले कुछ दिनों में लगातार हत्याओं की घटनाएं हो रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। यह एनकाउंटर पुलिस के सख्त रुख को दिखाता है, लेकिन कुछ संगठन इसे जांच के दायरे में रखने की मांग कर रहे हैं।









