उत्तराखंड राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले दलबदल का सिलसिला तेज हो गया है। मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने बीजेपी के प्रभावशाली नेताओं को अपनी ओर खींचने की रणनीति पर पूरी ताकत लगा दी है। हाल ही में 6 पूर्व विधायकों और नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब 12 और नेताओं की सूची तैयार कर ली गई है। पार्टी हाईकमान की मंजूरी मिलते ही यह दूसरी खेप भी कांग्रेस का हाथ थाम लेगी। इस घटनाक्रम से पूरे प्रदेश में सियासी हलचल मच गई है।
कांग्रेस की दलबदल रणनीति: 2027 चुनाव से पहले माहौल बनाने की जद्दोजहद
कांग्रेस उत्तराखंड में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए लगातार सक्रिय है। पार्टी का मानना है कि अगर सिटिंग विधायकों और स्थानीय प्रभावशाली चेहरों को शामिल किया जाए तो 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को सीधा टक्कर दी जा सकती है। प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने स्पष्ट कहा है कि कुल 18 नेताओं में से 6 पहले चरण में शामिल हो चुके हैं, जबकि बाकी 12 नेताओं की सूची हाईकमान को भेज दी गई है।
गोदियाल का दावा है कि कई बीजेपी के सिटिंग विधायक भी कांग्रेस में आने के लिए तैयार हैं, लेकिन कानूनी प्रावधान और बचे हुए कार्यकाल के कारण अभी इंतजार कर रहे हैं। पार्टी इस पूरे प्रक्रिया को बेहद गोपनीयता से निपटा रही है ताकि पिछली बार की तरह कोई आंतरिक विवाद न खड़ा हो।
पहले चरण में कांग्रेस जॉइन करने वाले 6 बड़े चेहरे
28 मार्च को दिल्ली में आयोजित भव्य कार्यक्रम में 6 प्रभावशाली नेताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। इनमें शामिल थे:
पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल
पूर्व विधायक नारायण पाल
घनसाली से पूर्व विधायक भीमलाल आर्य
रुड़की के पूर्व मेयर गौरव गोयल
मसूरी के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अनुज गुप्ता
लाखन सिंह नेगी
इन नेताओं के कांग्रेस में आने से पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश देखा गया। ज्यादातर नेता बीजेपी से जुड़े रहे थे और उन्होंने विभिन्न पदों पर अपनी ताकत साबित की थी। इस घटना को कांग्रेस के लिए मनोवैज्ञानिक बढ़त माना जा रहा है।
हरीश रावत की नाराजगी और पार्टी की अंदरूनी खींचतान
जब पहला चरण पूरा हुआ तो पार्टी के अंदर कुछ असहजता भी दिखी। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अचानक अवकाश ले लिया। सूत्रों के मुताबिक रामनगर के नेता संजय नेगी की जॉइनिंग को लेकर उनकी नाराजगी थी। हालांकि बाद में वरिष्ठ नेताओं ने हरीश रावत से मुलाकात कर मामला सुलझा लिया। इस घटना ने यह साबित कर दिया कि कांग्रेस अपनी रणनीति को लेकर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी तरह के आंतरिक कलह को जल्द से जल्द दूर कर रही है।
12 नेताओं की दूसरी खेप: प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा का दौरा अहम
अब सबकी नजरें कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के पांच दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं। माना जा रहा है कि इस दौरे के दौरान ही 12 नेताओं में से कुछ की जॉइनिंग का कार्यक्रम हो सकता है। कुमारी शैलजा विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करेंगी और स्थानीय नेताओं-कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगी। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि इस दौरे में कोई बड़ा ऐलान पार्टी की चुनावी तैयारियों को और तेज कर देगा।
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य का खुलासा
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बीजेपी की तरह हम बढ़ा-चढ़ाकर दावे नहीं करते, लेकिन यह सच है कि बीजेपी के कई बड़े नेता कांग्रेस में शामिल होने की इच्छा रखते हैं। आर्य ने भरोसा जताया कि आने वाले दिनों में और भी मजबूत चेहरे कांग्रेस का साथ दें












