हरिद्वार : हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में एक बेहद शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक प्रसिद्ध तीरंदाजी कोच पर 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर POCSO एक्ट के तहत जांच शुरू कर दी है। यह मामला पिछले साल अक्टूबर 2025 का है, लेकिन पीड़िता डर के मारे लंबे समय तक चुप रही। अब हिम्मत जुटाकर उसने परिवार को घटना बताई और बुधवार को कनखल थाने में लिखित शिकायत दी गई।
घटना का पूरा विवरण: कैसे हुआ कथित दुष्कर्म
कनखल क्षेत्र के एक नामी स्कूल में तीरंदाजी की ट्रेनिंग चल रही थी। जगजीतपुर निवासी पवन यहां छात्राओं को तीरंदाजी सिखाता था। क्षेत्र की ही एक 14 वर्षीय छात्रा नियमित रूप से ट्रेनिंग ले रही थी। आरोप है कि अक्टूबर 2025 में पवन ने छात्रा को अकेला पाकर धमकी देकर उसके साथ कथित दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी ने छात्रा को किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। डर और शर्म के मारे नाबालिग लंबे समय तक चुप रही।
आरोपी पवन कौन है? हरियाणा मूल का कोच
आरोपी पवन मूल रूप से हरियाणा का रहने वाला है। वह कनखल के स्कूल में तीरंदाजी कोच के रूप में काम कर रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार वह काफी समय से यहां ट्रेनिंग दे रहा था। पुलिस के मुताबिक आरोपी पर अब POCSO एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीड़िता ने कब और कैसे तोड़ी चुप्पी?
पीड़िता ने हिम्मत जुटाकर अपने घरवालों को पूरी आपबीती बताई। उसके पिता ने बुधवार को कनखल थाने पहुंचकर लिखित तहरीर दी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर देवेंद्र रावत ने बताया कि तुरंत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और मामले की गहन जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कनखल थाना पुलिस की त्वरित कार्रवाई
कनखल पुलिस ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। POCSO एक्ट 2012 के तहत नाबालिग के खिलाफ यौन अपराध के मामलों में जांच तेजी से होती है और आरोपी को जमानत मिलना मुश्किल होता है। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। स्थानीय लोगों में इस घटना से आक्रोश है और उन्होंने कोचिंग सेंटरों में बच्चियों की सुरक्षा पर सख्त निगरानी की मांग की है।
हरिद्वार में कोचिंग सेंटरों में बालिका सुरक्षा पर उठे सवाल
हरिद्वार जैसे धार्मिक और पर्यटन स्थल पर खेल कोचिंग सेंटरों में बच्चियों की सुरक्षा हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। तीरंदाजी जैसी खेल गतिविधियां यहां लोकप्रिय हैं, लेकिन कई बार कोच और छात्राओं के बीच अनुचित संबंध की खबरें भी सामने आती रहती हैं। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए। स्कूल और कोचिंग संस्थानों को भी CCTV, महिला स्टाफ और सख्त बैकग्राउंड चेकिंग अनिवार्य करनी चाहिए।












