हरिद्वार : ज्वालापुर कोतवाली पुलिस ने हरिद्वार जिले में एक चौंकाने वाली घटना का संज्ञान लिया है। अदालत के स्पष्ट निर्देश पर एक युवती के साथ नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग की साजिश रचने के मामले में देवर-भाभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में गंभीर आरोप लगाए हैं कि आरोपी उवेश ने अपनी भाभी समरीन के साथ मिलकर पूरी घटना को अंजाम दिया।
पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने बेहोशी की हालत में आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया तथा जबरन शादी का दबाव बनाया। साथ ही 50 हजार रुपये की रंगदारी भी मांगी। पुलिस ने कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए दोनों आरोपितों को नामजद किया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
जान-पहचान से शुरू हुई साजिश
पीड़िता ने बताया कि पांवधोई क्षेत्र की निवासी समरीन नामक महिला से उसकी पहले से जान-पहचान थी। समरीन ने पीड़िता को अपने घर बुलाया और वहां अपने देवर उवेश से मिलवाया। इसके बाद उवेश पीड़िता से लगातार फोन पर संपर्क बनाने लगा।
16 मार्च की घटना: बोर्ड परीक्षा देकर स्कूल से बाहर निकलते समय उवेश ने पीड़िता को डरा-धमकाकर जबरन बाइक पर बिठाया और भाभी समरीन के घर ले गया। वहां पहले से तय साजिश के तहत नशीले पदार्थ वाली दवा पानी में मिलाकर पिला दी गई। बेहोश अवस्था में आरोपी उवेश ने युवती के साथ दुष्कर्म किया। होश में आने पर पीड़िता को अपनी आपत्तिजनक तस्वीरें दिखाकर धमकाया गया कि यदि किसी को बताया तो बदनाम किया जाएगा और जान से मार दिया जाएगा।
ब्लैकमेलिंग और जबरन शादी का दबाव
पीड़िता के अनुसार, आरोपी उवेश उसे रोशनाबाद ले गया जहां कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए। एक वीडियो भी बनाया गया। इन फोटो और वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उवेश लगातार जबरन शादी करने का दबाव बना रहा था। इसके अलावा 50 हजार रुपये की रंगदारी की मांग भी की गई।
यह मामला महिलाओं के खिलाफ बढ़ते साइबर ब्लैकमेलिंग और यौन अपराधों की गंभीर समस्या को उजागर करता है। आजकल सोशल मीडिया और आसान कैमरा पहुंच के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसमें पीड़िताओं को लंबे समय तक मानसिक और भावनात्मक परेशानी का सामना करना पड़ता है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
ज्वालापुर कोतवाली प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर आरोपी उवेश और समरीन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों आरोपितों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस टीम मामले की छानबीन में जुटी हुई है और जल्द ही ठोस सबूत जुटाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।








