नैनीताल : नैनीताल जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें स्थानीय पुलिस पर महिला छेड़छाड़ के आरोपी पर्यटकों से पैसे लेकर मामला रफादफा करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों के विरोध और सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद मामला एसएसपी तक पहुंचा, जिसके बाद चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया।
घटना का विवरण
बीते दिनों ज्योलीकोट क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने चौकी पुलिस को सूचना दी कि स्कार्पियो कार में सवार चार पर्यटकों ने एक महिला के साथ छेड़छाड़ की है। सूचना मिलते ही पुलिस ने वायरलेस संदेश भेजकर रानीबाग क्षेत्र में उस वाहन को पकड़ लिया। आरोपी पर्यटकों को ज्योलीकोट चौकी लाया गया।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी पर पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपियों से 18 हजार रुपये लेकर उन्हें छोड़ दिया। जब शिकायतकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग की और पर्यटकों के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्रवासियों में आक्रोश फैल गया। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने कथित तौर पर लिए गए 18 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से वापस कर दिए।
स्थानीय लोगों का विरोध और सोशल मीडिया पर चर्चा
रकम वापस मिलने के बावजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मामले को लेकर पुलिस के खिलाफ कई आरोप लगाए गए। चर्चा इतनी तेज हुई कि मामला नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तक पहुंच गया।
एसएसपी का त्वरित एक्शन
एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज श्याम बोरा और कांस्टेबल धमेंद्र साहनी को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि महिला छेड़छाड़ के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय रुपये के लेन-देन की शिकायत मिली थी। ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से इसकी पुष्टि भी हो गई, जिसके आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
पुलिस व्यवस्था पर सवाल
यह घटना उत्तराखंड में पर्यटन स्थलों पर कानून-व्यवस्था और पुलिस की छवि को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। ज्योलीकोट और आसपास के क्षेत्र पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हैं। ऐसे में महिलाओं की सुरक्षा और अपराधों पर सख्ती से कार्रवाई की अपेक्षा की जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पैसे लेकर आरोपियों को छोड़ने जैसा कृत्य न केवल पीड़िता के साथ अन्याय है, बल्कि आम लोगों के पुलिस पर भरोसे को भी तोड़ता है।
मामले की आगे की जांच चल रही है। एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, महिला छेड़छाड़ के मूल आरोप की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, घूसखोरी के आरोप में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच भी आगे बढ़ाई जा सकती है।









