देहरादून : प्रदेश सरकार युवा उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। उद्योग विभाग के सहयोग से जिला स्तर पर आयोजित बूट कैंपों के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रतिभाशाली युवाओं के नवाचार आइडिया का चयन किया गया है। इनमें से 10 युवाओं को स्टार्टअप के रूप में चुना गया है। चयनित युवाओं को प्रदेश सरकार की ओर से दो लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। जल्द ही उच्च अधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद इन युवा उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा।
स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस कदम
प्रदेश सरकार राज्य में स्टार्टअप संस्कृति विकसित करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। अब तक प्रदेश सरकार से 219 स्टार्टअप को मान्यता मिल चुकी है। वहीं, केंद्र सरकार के स्टार्टअप पोर्टल पर राज्य के 1500 से अधिक युवा स्टार्टअप के रूप में पंजीकृत हैं। यह आंकड़े स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं कि युवा वर्ग में उद्यमिता की भावना बढ़ रही है और सरकार भी उन्हें हर संभव सहायता उपलब्ध करा रही है।
जिला स्तर पर उच्च शिक्षण संस्थानों में आयोजित बूट कैंपों का मुख्य उद्देश्य युवाओं के नवाचार विचारों को व्यावसायिक रूप देने में मदद करना था। इन कार्यक्रमों में उद्योग विभाग के विशेषज्ञों ने युवाओं को मार्गदर्शन दिया और उनके आइडिया को स्टार्टअप मॉडल में परिवर्तित करने की प्रक्रिया समझाई। चयनित 10 युवाओं के आइडिया न केवल नवीन हैं बल्कि इनमें रोजगार सृजन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की क्षमता भी है।
200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड और वित्तीय प्रोत्साहन
स्टार्टअप को कारोबार शुरू करने और विस्तार करने में वित्तीय सहायता देने के लिए प्रदेश सरकार ने 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड बनाया है। इसके अलावा स्टार्टअप नीति में कई आकर्षक वित्तीय प्रोत्साहनों का प्रावधान किया गया है। इनमें पूंजीगत सब्सिडी, ब्याज अनुदान, इनक्यूबेशन सपोर्ट और मार्केट लिंकेज जैसी सुविधाएं शामिल हैं। ये प्रावधान युवा उद्यमियों को शुरुआती चुनौतियों से निपटने और अपने व्यवसाय को स्थिरता प्रदान करने में मदद करेंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के युवा सिर्फ नौकरी के इच्छुक न रहें बल्कि खुद रोजगार सृजित करें। बूट कैंप मॉडल को आगे भी जारी रखने की योजना है ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाई जा सके। उच्च शिक्षण संस्थानों को स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।
युवा उद्यमियों के लिए सुनहरा अवसर
चयनित 10 युवाओं को पुरस्कार राशि मिलने के साथ-साथ सरकारी मान्यता और आगे के मार्गदर्शन का भी लाभ मिलेगा। यह सम्मान उन्हें अपने आइडिया को बड़े पैमाने पर लागू करने के लिए प्रेरित करेगा। प्रदेश सरकार का मानना है कि नवाचार आधारित स्टार्टअप ही भविष्य की अर्थव्यवस्था का आधार बनेंगे। इसलिए नीति स्तर पर लगातार सुधार किए जा रहे हैं ताकि स्टार्टअप इकोसिस्टम और अधिक मजबूत हो।
वर्तमान में राज्य में स्टार्टअप की संख्या लगातार बढ़ रही है। केंद्र और राज्य दोनों स्तर की योजनाओं का लाभ उठाते हुए युवा अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा रहे हैं। 200 करोड़ रुपये के वेंचर फंड से न सिर्फ चयनित स्टार्टअप बल्कि अन्य उभरते उद्यमियों को भी पूंजी उपलब्ध कराने में सुविधा होगी।







