धराली आपदा के 14 महीने बाद जागी आस्था! मलबे में दबे प्राचीन कल्प केदार मंदिर की खुदाई शुरू, समेश्वर देवता के आदेश पर ग्रामीणों ने संभाला मोर्चा
उत्तराखंड के धराली में आई विनाशकारी आपदा के करीब एक साल दो महीने बाद ग्रामीणों ने मलबे में दबे प्राचीन कल्प केदार मंदिर को खोजने और उसके जीर्णोद्धार के लिए खुदाई शुरू कर दी है। नवरात्रि के पहले दिन श्रद्धा और आस्था के साथ इस अभियान का शुभारंभ किया गया।
रविवार को आपदा प्रभावित धराली गांव में आराध्य समेश्वर देवता की देवडोली के आदेश और सानिध्य में कल्प केदार मंदिर को मलबे के नीचे खोजने का कार्य शुरू हुआ। इससे पहले विधि-विधान के साथ हवन और पूजा-पाठ किया गया। इसके बाद देवता द्वारा निर्धारित समय पर ग्रामीणों ने अपने संसाधनों की मदद से खुदाई शुरू कर दी।
कल्प केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष राजेश पंवार के अनुसार, इतिहास में चौथी बार प्राचीन कल्प केदार मंदिर को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। इससे पहले वर्ष 1926 में खुदाई के दौरान मुख्य मंदिर को जमीन के नीचे खोजा गया था।
राजेश पंवार ने बताया कि फिलहाल ग्रामीण अपने स्तर पर खुदाई कर रहे हैं। वहीं, मुख्यमंत्री की ओर से भी मंदिर के जीर्णोद्धार की घोषणा की गई है।
अब ग्रामीणों को उम्मीद है कि मलबे में दबे इस प्राचीन मंदिर को दोबारा खोजकर उसका जीर्णोद्धार किया जा सकेगा और धराली की धार्मिक विरासत को फिर से संजोया जा सकेगा।










