उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में हरिद्वार के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को नैनीताल हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सुरेश राठौर के खिलाफ दर्ज चार मामलों में से दो मामलों में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
यह मामला उस समय सामने आया जब अभिनेत्री उर्मिला सेनावर ने सोशल मीडिया पर कुछ ऑडियो और वीडियो क्लिप जारी की थीं। इन क्लिप्स में भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी और राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम समेत कई अन्य लोगों के नाम लिए गए थे। ऑडियो-वीडियो वायरल होने के बाद दुष्यंत गौतम, आरती गोड़, संचित कुमार और धर्मेंद्र कुमार सहित अन्य लोगों ने अलग-अलग थानों में सुरेश राठौर के खिलाफ छवि धूमिल करने और मानहानि के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई थी।
मामले की सुनवाई करते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने दुष्यंत गौतम, धर्मेंद्र कुमार, संचित कुमार और आरती गोड़ को नोटिस जारी किए हैं और अगली सुनवाई तक सुरेश राठौर की गिरफ्तारी पर रोक लगाने का आदेश दियादुष्यंत गौतम की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
वहीं, अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कथित सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम द्वारा दायर मानहानि याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट 7 जनवरी (बुधवार) को सुनवाई करेगा।
दुष्यंत गौतम ने आरोप लगाया है कि इस हत्याकांड से उनका नाम जोड़कर सोशल मीडिया पर झूठे और भ्रामक आरोप फैलाए गए। उन्होंने कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और कुछ अन्य व्यक्तियों के खिलाफ 2 करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए अदालत से आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का अनुरोध किया है।
गौरतलब है कि सितंबर 2022 में 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की हत्या ऋषिकेश के पास स्थित वनंतरा रिजॉर्ट में कर दी गई थी। अंकिता वहां रिसेप्शनिस्ट के तौर पर कार्यरत थी। जांच में सामने आया था कि रिजॉर्ट के मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता विनोद आर्य का बेटा) ने अपने दो कर्मचारियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।
आरोप है कि अंकिता ने एक कथित VIP गेस्ट को सेक्सुअल फेवर देने से इनकार किया था, जिसके बाद उसकी हत्या कर शव को ठिकाने लगा दिया गया। इस मामले में पुलकित आर्य और उसके सहयोगी फिलहाल जेल में हैं।
हालांकि, 2025 में उर्मिला सेनावर द्वारा जारी एक कथित ऑडियो ने इस केस को फिर से राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया, जिसमें दुष्यंत गौतम को ‘VIP’ बताए जाने का दावा किया गया था। इसी के बाद यह मामला दोबारा सुर्खियों में आ गया।










