ऋषिकेश : नववर्ष के जश्न ने ऋषिकेश के निर्माणाधीन बजरंग सेतु को अराजकता के मुहाने पर ला खड़ा किया। पर्यटकों की बेकाबू भीड़ ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को सैर-सपाटे की जगह उत्पात का केंद्र बना दिया। सुरक्षा के लिए लगाए गए प्लास्टिक तिरपाल फाड़ दिए गए, जबकि सेल्फी लेने की होड़ में लाखों रुपये की लागत से लगे बेशकीमती कांच क्षतिग्रस्त कर दिए गए।
वायरल हो रहे वीडियो इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि किस तरह पर्यटकों की लापरवाही और अनुशासनहीनता ने मौके पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पस्त कर दिया। नववर्ष के अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ ने पुल को गंदगी और अव्यवस्था का अड्डा बना दिया। हुड़दंगियों ने सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए पुल पर पान-मसाला थूककर माहौल को और बदतर कर दिया। स्थिति इतनी गंभीर रही कि तैनात पुलिसकर्मी भी भीड़ को नियंत्रित करने में असफल रहे।
इसी अफरा-तफरी के दौरान सेल्फी प्वाइंट पर लगाया गया कांच टूट गया। हैरानी की बात यह है कि यह पहली बार नहीं हुआ है। इससे पहले दशहरा पर्व के दौरान भी पर्यटकों ने दोनों ओर से बंद किए गए गेट तोड़कर जबरन पुल में प्रवेश किया था, उस समय भी कांच क्षतिग्रस्त हुए थे।
उसी घटना के दौरान दिल्ली से आए एक पर्यटक का पैर फिसलने से वह गंगा में गिर गया था, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। इस हादसे के बाद कार्यदायी संस्था ने जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पुल को एक सप्ताह के लिए बंद कराया था। इसके बावजूद पर्यटक खुद को वीआईपी बताकर श्रमिकों पर दबाव बनाते रहे और पुल पर आवाजाही शुरू कर दी।
फिलहाल पुल पर चारों ओर गंदगी फैली हुई है और बार-बार हो रही घटनाओं ने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुल का रखरखाव बनेगा बड़ी चुनौती
लगातार कांच टूटने की घटनाओं से स्पष्ट है कि पुल के खुलने के बाद उसका रखरखाव प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती साबित होगा। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था के लिए विशेष कार्ययोजना की आवश्यकता है, जबकि फिलहाल प्रशासन के पास ऐसी कोई ठोस योजना नजर नहीं आ रही है।
इस मामले में लोनिवि नरेंद्र नगर के अधिशासी अभियंता प्रवीण कर्णवाल ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और जल्द ही निरीक्षण कर कांच टूटने के कारणों की जांच की जाएगी।









