टिहरी : टिहरी गढ़वाल जिले की घनसाली विधानसभा से तीन बार विधायक रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता बलबीर सिंह नेगी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने देहरादून स्थित कैलाश अस्पताल में अंतिम सांस ली, जहां उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही घनसाली सहित पूरे टिहरी जिले में शोक की लहर दौड़ गई।

राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में अपनी सशक्त आवाज के लिए पहचाने जाने वाले बलबीर सिंह नेगी के जाने से क्षेत्र ने एक अनुभवी और जनप्रिय नेता खो दिया है। उन्हें जमीनी राजनीति का मजबूत स्तंभ माना जाता था, जिनकी पकड़ आम जनता के बीच गहरी थी।
तीन बार विधायक रह चुके थे बलबीर सिंह नेगी
बलबीर सिंह नेगी का राजनीतिक सफर लंबा और प्रभावशाली रहा। वह
वर्ष 1989 में अविभाजित उत्तर प्रदेश के दौरान टिहरी से विधायक बने
2002 से 2007 तक घनसाली विधानसभा से कांग्रेस विधायक रहे
2007 से 2012 तक दूसरी बार घनसाली से विधायक चुने गए
विधायक रहते हुए उन्होंने विधानसभा में क्षेत्र से जुड़ी जनसमस्याओं को मजबूती से उठाया और विकास कार्यों को प्राथमिकता दी।
राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने जताया शोक
उनके निधन पर कांग्रेस और अन्य सामाजिक संगठनों से जुड़े नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया।
शोक व्यक्त करने वालों में कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुरारी लाल खंडेलवाल, टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, पूर्व विधायक भीमलाल आर्य, पूर्व ब्लॉक प्रमुख विजय गुनसोला, पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश राणा, शांति प्रसाद भट्ट और दर्शनी रावत सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं।
कांग्रेस को अपूरणीय क्षति
कांग्रेस जिला अध्यक्ष मुरारी लाल खंडेलवाल ने कहा कि बलबीर सिंह नेगी का निधन पार्टी के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने कहा कि विधायक रहते हुए नेगी ने विधानसभा में क्षेत्र की आवाज बुलंद की और जनहित के मुद्दों पर हमेशा मजबूती से खड़े रहे, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।









