देहरादून : अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर रविवार को राजधानी देहरादून में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान खुद को भाजपा की मंडल अध्यक्ष बताकर सरकार के खिलाफ बयान देने वाली महिला के वायरल वीडियो पर अब भारतीय जनता पार्टी ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वायरल वीडियो में दिख रही महिला मधु नौटियाल का पार्टी से कोई भी संबंध नहीं है। पार्टी ने इसे कांग्रेस का सुनियोजित दुष्प्रचार बताते हुए फर्जी नैरेटिव गढ़ने का आरोप लगाया है।
दरअसल, रविवार को देहरादून में अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने प्रदर्शन किया था। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक महिला ने खुद को मधु नौटियाल बताते हुए भाजपा की मंडल अध्यक्ष होने का दावा किया और यह भी कहा कि न्याय न मिलने के कारण वह भाजपा से इस्तीफा दे रही हैं। वीडियो में महिला ने भाजपा सरकार पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
वीडियो के वायरल होते ही राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई, जिसके बाद भाजपा संगठन हरकत में आया और महिला के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।
उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर चौहान ने साफ कहा कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रही महिला भाजपा की सक्रिय सदस्य तक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सुनियोजित तरीके से ऐसे वीडियो वायरल कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।
मनवीर चौहान ने कहा, “कांग्रेस लगातार फर्जी चेहरों को भाजपा से जोड़कर दुष्प्रचार कर रही है, लेकिन जनता और भाजपा कार्यकर्ता पूरी सच्चाई समझ रहे हैं।”
इस पूरे मामले पर भाजपा के वरिष्ठ नेता नरेश बंसल ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंकिता भंडारी मामला संवेदनशील है और जनभावनाएं इससे जुड़ी हैं, लेकिन इसी संवेदनशीलता का फायदा उठाकर झूठा प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे सच्चाई सामने आएगी, यह दुष्प्रचार स्वतः बेनकाब हो जाएगा।
वहीं हरिद्वार भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा ने भी मधु नौटियाल को भाजपा से जोड़ने के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला न तो कभी भाजपा की पदाधिकारी रही है और न ही वर्तमान में पार्टी की सदस्य है।
आशुतोष शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस झूठे दावों के जरिए फेक नैरेटिव गढ़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।
भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को विपक्ष की साजिश बताते हुए जनता से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे किसी भी दावे की सच्चाई जाने बिना उस पर विश्वास न करें।









