देहरादून : 17 मार्च 2026: उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा इस वर्ष अप्रैल में शुरू होने वाली है, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ की उम्मीद है। श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने यात्रा की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने आज देहरादून स्थित कार्यालय के पास प्रेस कॉन्फ्रेंस में विस्तृत जानकारी साझा की।

चारधाम यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 6 मार्च से शुरू हुआ और मात्र 10-11 दिनों में ही 6 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है। इसमें श्री केदारनाथ के लिए 2 लाख से अधिक, बदरीनाथ के लिए करीब 1.82 लाख, गंगोत्री के लिए 1.15 लाख और यमुनोत्री के लिए 1.13 लाख से अधिक पंजीकरण शामिल हैं। कुल मिलाकर 16 मार्च तक 6.17 लाख से ज्यादा तीर्थयात्रियों ने अपना नाम दर्ज कराया है। यह आंकड़ा पिछले वर्षों की तुलना में जबरदस्त उत्साह दर्शाता है।
यात्रा की प्रमुख तिथियां इस प्रकार हैं:
श्री गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट: 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया) को खुलेंगे।
श्री केदारनाथ धाम के कपाट: 22 अप्रैल को।
श्री बदरीनाथ धाम के कपाट: 23 अप्रैल को।
बीकेटीसी ने आगामी यात्रा सत्र 2026-27 के लिए कुल 121 करोड़ 7 लाख 99 हजार 501 रुपये का अनुमानित बजट स्वीकृत किया है। इसमें श्री बदरीनाथ धाम के लिए लगभग 57.47 करोड़ और श्री केदारनाथ धाम के लिए 63.60 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह बजट यात्रा सुविधाओं को मजबूत करने, सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, दर्शन व्यवस्था और जीर्णोद्धार कार्यों पर केंद्रित है।
प्रेस वार्ता में हेमंत द्विवेदी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार केदारनाथ का पुनर्निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि बदरीनाथ में कार्य जारी है। समिति का मुख्य लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और सरल दर्शन सुनिश्चित करना है।
महत्वपूर्ण निर्णय:
गैर-सनातनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध: बीकेटीसी बोर्ड ने 10 मार्च को हुई बैठक में बदरीनाथ, केदारनाथ सहित समिति के अधीन 47 मंदिरों में गैर-सनातनियों (जो सनातन धर्म में आस्था नहीं रखते) के प्रवेश पर रोक लगाने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया। यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है, ताकि धामों की धार्मिक पवित्रता और परंपराओं को बनाए रखा जा सके।
मोबाइल, रील्स, फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर रोक: मंदिर परिसर में निर्धारित दूरी तक मोबाइल फोन प्रतिबंधित रहेंगे, साथ ही रील्स, फोटो और वीडियो बनाने पर पूर्ण रोक लगेगी।
अन्य सुधार: ऋषिकेश में ट्रांजिट कैंप में मंदिर समिति का शिविर कार्यालय खोला जाएगा। तीर्थ पुरोहितों के कल्याण के लिए ‘तीर्थ पुरोहित कल्याण कोष’ की स्थापना का प्रस्ताव पारित। दर्शन पंक्ति, रेलिंग मरम्मत, स्वच्छता, विश्राम गृह, ऑनलाइन पूजा और वेबसाइट को और बेहतर बनाया जा रहा है।
इसके अलावा, शीतकालीन पूजा स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की अच्छी संख्या रही। शीतकालीन यात्रा 2025-26 में कपाट बंद होने के बाद 16 मार्च 2026 तक 51 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने योग बदरी, नृसिंह मंदिर, ओंकारेश्वर महादेव आदि स्थानों पर दर्शन किए।
बीकेटीसी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिले। प्रेस वार्ता में उपाध्यक्ष विजय कप्रवाण, सदस्य प्रह्लाद पुष्पवान और मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
यह वर्ष चारधाम यात्रा के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है, जहां भक्तों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि की संभावना है।












