देहरादून। राजधानी देहरादून के कैंट क्षेत्र अंतर्गत बिंदाल इलाके में पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी सफलता हासिल की है। यहां एक आवासीय मकान में चल रहे अनैतिक देह व्यापार के रैकेट का पर्दाफाश किया गया। इस ऑपरेशन में मुख्य आरोपी महिला सहित तीन लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि तीन पीड़ित महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मुख्य आरोपी रानी देवी अपने ही घर में यह अवैध धंधा चला रही थी। वह व्हाट्सएप के माध्यम से पीड़िताओं की तस्वीरें ग्राहकों को भेजती थी और फोन पर ही तय दर, समय तथा स्थान फाइनल करती थी। उसके साथी आशीष कुमार पांडे महिलाओं को ग्राहकों तक पहुंचाने का जिम्मा संभालते थे और बदले में कमीशन प्राप्त करते थे। तीसरा आरोपी फूलों खान भी इस गिरोह का हिस्सा था।
देहरादून एसएसपी को लगातार मिल रही सूचनाओं के आधार पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार रात को गांधी नगर, रघुनाथ मंदिर के निकट स्थित मकान पर अचानक छापेमारी की। छापे के दौरान घर में तीन महिलाएं और दो पुरुष संदिग्ध हालत में पाए गए। मौके से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई।
सीओ मसूरी जगदीश पंत ने बताया कि आरोपी रानी देवी ने विभिन्न राज्यों से महिलाओं को नौकरी के बहाने देहरादून बुलाया था। उनकी आर्थिक मजबूरियों का फायदा उठाकर जबरन इस गैरकानूनी धंधे में धकेला जा रहा था। रेस्क्यू की गई महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है और उनकी काउंसलिंग की जा रही है।
गिरफ्तार तीनों आरोपियों—रानी देवी, आशीष कुमार पांडे और फूलों खान—के खिलाफ कोतवाली कैंट थाने में अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम के विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस जांच जारी है और आगे के आरोपियों की तलाश की जा रही है।
यह कार्रवाई देहरादून पुलिस द्वारा मानव तस्करी और अनैतिक गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे सघन अभियान का हिस्सा है।












