खटीमा : उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के खटीमा इलाके में देवभूमि कॉलोनी (सितारगंज रोड, देवभूमि धर्मशाला क्षेत्र) में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया। यहां अकेले रह रही 60 वर्षीय जानकी देवी (पत्नी स्वर्गीय हरीश चंद) का शव उनके घर की पहली मंजिल पर संदिग्ध हालत में खून से लथपथ पड़ा मिला। घर का मुख्य चैनल गेट बाहर से ताला लगाकर बंद था, जिससे पूरे मामले में गहरा रहस्य जुड़ गया है।
घटना की जानकारी तब मिली जब उनकी बेटी ने बार-बार फोन करने पर कोई जवाब न मिलने पर रिश्तेदारों को सूचित किया। परिजनों और स्थानीय लोगों ने ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो स्तब्ध करने वाला नजारा सामने आया। मृतका का मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगा हुआ था और साइलेंट मोड में रखा गया था।
पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। सीओ विमल रावत, कोतवाल विजेंद्र शाह के नेतृत्व में टीम ने डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए। एसपी सिटी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले के जल्द खुलासे का आश्वासन दिया। प्रारंभिक पोस्टमार्टम में शरीर पर स्पष्ट बाहरी चोटें नहीं मिलीं, लेकिन मौत का सटीक कारण स्पष्ट न होने पर विसरा (अंतड़ियों) की जांच के लिए भेज दिया गया है। कुछ रिपोर्टों में सिर पर लोहे की रॉड से वार की आशंका जताई गई है, जिससे हत्या की संभावना मजबूत हो रही है।
जानकी देवी ब्रह्माकुमारी आध्यात्मिक संस्था से जुड़ी हुई थीं और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहती थीं। उनका पुत्र सूरज चंद भारतीय सेना (गोरखा रेजीमेंट) में पंजाब के गुरदासपुर बॉर्डर पर तैनात है, जबकि बेटियां पूनम और सुमन क्रमशः गुरुग्राम और दिल्ली में रहती हैं। नीचे मकान का हिस्सा किराए पर दिया हुआ था।
घटना के बाद कॉलोनी में दहशत और गुस्से का माहौल है। पुलिस ने गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर दी है और हर संभव एंगल से छानबीन कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक नतीजों के बाद ही मौत के असली कारण और संदिग्धों का पता चल पाएगा।









