पौड़ी : पौड़ी गढ़वाल के कोटद्वार में अग्निशमन विभाग के एक लीडिंग फायरमैन ने निजी स्कूल को फायर सेफ्टी एनओसी जारी करने के एवज में रिश्वत मांगी, लेकिन यह सौदेबाजी उनके लिए महंगी साबित हुई। विजिलेंस विभाग ने सोमवार को ट्रैप लगाकर आरोपी को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए मौके पर ही धर दबोचा।
आरोपी लीडिंग फायरमैन की पहचान रणवीर सिंह (कुछ रिपोर्ट्स में रणधीर सिंह) के रूप में हुई है, जो कोटद्वार फायर स्टेशन में तैनात थे। जानकारी के मुताबिक, एक निजी स्कूल (कुछ स्रोतों में बीएड कॉलेज या मालिनी वैली कॉलेज ऑफ एजूकेशन) ने फायर एनओसी के लिए आवेदन किया था। आरोपी ने निरीक्षण पूरा होने और सभी दस्तावेज जमा होने के बावजूद फाइल को आगे नहीं बढ़ाया।
स्कूल प्रबंधन से बातचीत में पहले 40 हजार रुपये की मांग की गई, लेकिन मोलभाव के बाद रकम 20 हजार पर तय हुई। जब स्कूल ने डायल-164 पर शिकायत दर्ज की, तो विजिलेंस ने प्राथमिक जांच के बाद ट्रैप टीम गठित की। सोमवार को आरोपी ने स्कूल प्रबंधक को फायर स्टेशन के पास बुलाया और जैसे ही रिश्वत की राशि ली, छिपे हुए विजिलेंस अधिकारियों ने उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी के आवास पर तलाशी ली गई, जहां कुछ दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिनकी जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे मंगलवार को स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में पेश किया गया।
विजिलेंस निदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन ने कहा : “सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर अडिग है। हर शिकायत की गंभीरता से जांच होती है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। यह कार्रवाई इसी दिशा में एक मजबूत कदम है।”
यह घटना आम जनता के लिए सरकारी सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही की मिसाल पेश करती है, साथ ही भ्रष्टाचार के खिलाफ त्वरित कार्रवाई का संकेत देती है।










