देहरादून : उत्तराखंड राज्य महिला आयोग ने ‘महिला आयोग आपके द्वार’ अभियान की शुरुआत की, जिसके तहत दूर-दराज की महिलाओं तक न्याय पहुंचाने के लिए जनसुनवाई कार्यक्रम शुरू किए गए हैं। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर देहरादून में आयोजित पहले सत्र में आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने 25 से अधिक शिकायतों को सुना और कई मामलों में तत्काल निर्देश जारी किए।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं दुर्गम क्षेत्रों की महिलाओं को मुख्यालय तक आने की मजबूरी से मुक्त करना है, ताकि वे घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद, लैंड फ्रॉड, आर्थिक उत्पीड़न और अन्य मुद्दों पर त्वरित न्याय पा सकें। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा के मामलों में परिवारों को समझाइश दी गई, जबकि एक वृद्ध महिला की पेंशन समस्या पर बैंक अधिकारियों से बात कर समाधान सुनिश्चित किया गया।
एक पीड़िता ने बताया कि उनके पति बीमारी के समय उन्हें मायके छोड़ देते हैं और उचित देखभाल नहीं करते—इस पर अध्यक्ष ने पति को मासिक ₹5000 व्यक्तिगत खर्च देने का आदेश दिया। एक अन्य मामले में आरोप-पत्र की कॉपी न मिलने की शिकायत पर एसएचओ को तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। लापता बेटी की तलाश के लिए पुलिस को सक्रिय करने के साथ-साथ कुछ पुरुषों की भी पत्नी से प्रताड़ना संबंधी शिकायतें सुनी गईं और पारिवारिक सामंजस्य के लिए परामर्श दिए गए।
अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि महिला कल्याण योजनाओं की जमीनी स्तर पर सतत मॉनिटरिंग हो, ताकि पात्र महिलाओं तक लाभ पहुंचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पुलिस-प्रशासन ग्रामीण शिकायतों पर संवेदनशीलता से कार्य करें।
यह अभियान प्रदेश के सभी 13 जनपदों में 9 से 13 मार्च तक चलेगा। अध्यक्ष कुसुम कंडवाल स्वयं पौड़ी गढ़वाल (10 मार्च), हरिद्वार (11 मार्च), चंपावत (12 मार्च), उधम सिंह नगर (13 मार्च) सहित कई जिलों में जनसुनवाई की अध्यक्षता करेंगी, जबकि अन्य जिलों में उपाध्यक्ष एवं सदस्य मौजूद रहेंगे।
इस जनसुनवाई के दौरान आयोग की सदस्य विमला नैथानी, अपार जिलाधिकारी केके मिश्रा, आयोग की सदस्य सचिव उर्वशी चौहान, उपजिलाधिकारी न्यायिक, एसडीएम सदर देहरादून, डोईवाला, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से अधिवक्ता स्वाति शर्मा एवं प्रियंका बिष्ट, पुलिस विभाग से पुलिस क्षेत्रअधिकारी रीना राठौर, महिला एवं बाल कल्याण विभाग से प्रोफेशन अधिकारी मीना बिष्ट एवं शिखा कंडवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार, विधि अधिकारी दयाराम सिंह, सहित शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, पर्यटन विभाग, लोक निर्माण विभाग अन्य विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।









