अल्मोड़ा/चौखुटिया : चौखुटिया में ऑपरेशन स्वास्थ्य आंदोलन से जुड़े प्रमुख कार्यकर्ता भुवन सिंह कठायत बीते 24 नवंबर से रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। सबकी जुबान पर एक ही सवाल है ” कहां है भुवन कठैत” 36 घंटे बीत जाने के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है, जिससे परिवार, ग्रामीणों और आंदोलनकारियों में गहरी चिंता व्याप्त है।

भुवन कठैत के पिता भूपाल सिंह कठैत ने कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज कराई है। शिकायत में उन्होंने बताया कि उनका बेटा 24 नवंबर की सुबह करीब 9 से 9:30 बजे के बीच अमस्यारी स्थित घर से निकला था, जिसके बाद से उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहा है। परिजनों ने स्वयं गुमशुदगी दर्ज कराने की जानकारी साझा की है।

भुवन कठैत 2 अक्टूबर से चल रहे आंदोलन के दौरान लगातार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग कर रहे थे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि 25 नवंबर तक मुख्यमंत्री या स्वास्थ्य मंत्री चौखुटिया आकर अस्पताल निर्माण की ठोस घोषणा नहीं करते, तो वे आत्मदाह जैसे कठोर कदम उठाने को मजबूर होंगे।
लेकिन समयसीमा पूरी होने के बावजूद न कोई मंत्री चौखुटिया पहुंचा और न ही स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर कोई आश्वासन मिला। इसी बीच उनके अचानक लापता होने से पूरा क्षेत्र चिंतित है।
परिवार का आरोप है कि भुवन के इस तरह गायब होने के पीछे प्रशासन की गंभीर लापरवाही है। परिजन और ग्रामीणों का कहना है कि यदि उन्हें कोई नुकसान पहुंचता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन–प्रशासन की होगी।
ग्रामीण, आंदोलनकारी और स्थानीय लोग चौखुटिया बाजार तथा आसपास के इलाकों में लगातार खोजबीन कर रहे हैं। वहीं गेवाड़ घाटी में तनाव का माहौल है और लोग बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग को लेकर प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।










