पत्रकार पंकज मिश्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मृतक के भाई अरविंद मिश्रा की तहरीर पर थाना राजपुर में पत्रकार अमित सहगल के खिलाफ हत्या, लूट और मारपीट सहित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह मुकदमा 16 दिसंबर की देर रात 11 बजकर 56 मिनट पर भारतीय दंड संहिता की धारा 103, 304, 333 और 352 के तहत दर्ज किया गया।
आलमबाग, लखनऊ निवासी अरविंद मिश्रा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि 15 दिसंबर की रात अमित सहगल अपने एक अन्य साथी के साथ देहरादून के जाखन स्थित पंकज मिश्रा के किराये के मकान पर पहुंचा और जान से मारने की नीयत से बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि पंकज के सीने और पेट पर लात-घूंसे मारे गए, जिससे उनके मुंह से खून निकलने लगा।
तहरीर के अनुसार, हमलावरों ने पंकज मिश्रा का मोबाइल फोन भी लूट लिया। जब उनकी पत्नी लक्ष्मी ने पुलिस को सूचना देने की कोशिश की तो उसके साथ भी मारपीट और बदसलूकी की गई।
घटना के बाद गंभीर रूप से घायल पंकज मिश्रा ने राहगीर के मोबाइल से पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन अत्यधिक चोट और भय के कारण परिजनों ने सुबह मेडिकल कराने की बात कही।
16 दिसंबर की सुबह करीब तीन बजे पंकज मिश्रा की तबीयत अचानक बिगड़ गई। दर्द से कराहते हुए वह बिस्तर से उठे और बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद उन्हें एंबुलेंस से दून अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से असंतुष्ट परिजनों ने चिकित्सकों के पैनल से दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। बुधवार को पैनल द्वारा पोस्टमार्टम किया जाएगा।
पुलिस ने जाखन स्थित पंकज मिश्रा के आवास का निरीक्षण किया है और आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकार की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं।










