रुद्रपुर : अभी तक आम उपभोक्ता गैस सिलिंडर की कालाबाजारी से परेशान थे, लेकिन अब मामला विधानसभा तक पहुंच गया है। शहर विधायक शिव अरोरा की पत्नी के नाम से भी बिना किसी बुकिंग के गैस सिलिंडर डिलीवर कर दिया गया। यह घटना शनिवार को सामने आई जब सीमा अरोरा ने खुद बुकिंग कराई तो पता चला कि उनके कनेक्शन पर पहले ही सिलिंडर डिलीवरी दिखाई जा चुकी है। इस खुलासे ने पूरे शहर में हड़कंप मचा दिया है।

विधायक शिव अरोरा की पत्नी सीमा अरोरा का मामला – बुकिंग के बिना डिलीवरी!
भूरारानी स्थित दुआ इंडेन एजेंसी में शिव अरोरा की पत्नी सीमा अरोरा का गैस कनेक्शन है। 18 मार्च को एजेंसी ने बिना किसी परिवार की बुकिंग के सिलिंडर बुक कर लिया और उसी दिन डिलीवरी का मैसेज भी भेज दिया। जब विधायक को इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने तुरंत एजेंसी पर पहुंचकर संचालक को कड़ी फटकार लगाई।
विधायक शिव अरोरा ने कहा, “देश में गैस की कोई कमी नहीं है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार लगातार यह सुनिश्चित कर रही है कि गरीब का चूल्हा कभी न बुझे। लेकिन यहां एजेंसी स्तर पर सिस्टम को हाईजैक कर कालाबाजारी की जा रही है।” उन्होंने तहसीलदार दिनेश कुटौला और सप्लाई इंस्पेक्टर मलकीत सिंह को मौके पर बुलाया और एजेंसी संचालक के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज करने, लाइसेंस सस्पेंड करने और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
एक नहीं, कई उपभोक्ता प्रभावित – भाजपा नेता मयंक कक्कड़ का भी नाम शामिल
यह लापरवाही सिर्फ विधायक परिवार तक सीमित नहीं है। भाजपा नेता और विधायक के प्रतिनिधि मयंक कक्कड़ के नाम से भी 9 मार्च को बिना बुकिंग गैस बुक कर डिलीवर दिखा दिया गया। इसी तरह:
अशोक कुमार आर्य (DSC नंबर 218559) – 22 मार्च
राम किशोर – 12 मार्च
आनंद कुमार (DSC नंबर 412121) – 20 मार्च
रविंद्र कुमार (DSC नंबर 728534) – 22 मार्च
राजेश चंद्र और दया सागर समेत कई अन्य उपभोक्ताओं ने भी शिकायत की कि जब उन्होंने अपने मोबाइल से बुकिंग करने की कोशिश की तो पता चला कि उनकी बुकिंग पहले ही “डिलीवर” दिखाई जा चुकी है। इससे आक्रोशित उपभोक्ता एजेंसी के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी करने लगे।

व्यापार मंडल और स्थानीय लोगों का प्रदर्शन – कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं!
प्रदर्शन के दौरान व्यापार मंडल कोषाध्यक्ष संदीप राव, संजय आर्य, मयंक कक्कड़, राजेश कुमार, प्रदीप यादव, हरदीप सिंह और राधेश शर्मा सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। लोगों का कहना है कि एजेंसी ने सिस्टम को गड़बड़ाकर ब्लैक में सिलिंडर बेचने की कोशिश की है।
उत्तराखंड में गैस कालाबाजारी क्यों बढ़ रही है? सरकार की योजनाएं और हकीकत
उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य में एलपीजी सिलिंडर की मांग हमेशा ज्यादा रहती है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के तहत गरीब परिवारों को मुफ्त कनेक्शन दिए जा रहे हैं, लेकिन ग्राउंड लेवल पर एजेंसियां बुकिंग सिस्टम में हेराफेरी कर रही हैं। बिना बुकिंग डिलीवरी दिखाकर सिलिंडर बाजार में महंगे दामों पर बेचे जा रहे हैं।

विधायक शिव अरोरा ने साफ कहा, “रुद्रपुर में किसी भी तरह की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने प्रशासन से तुरंत एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।
क्या कहते हैं उपभोक्ता और विशेषज्ञ?
स्थानीय उपभोक्ताओं का आरोप है कि MyLPG ऐप और IVRS सिस्टम को भी बायपास किया जा रहा है। कई लोगों ने बताया कि “डिलीवरी” का मैसेज आ जाता है लेकिन सिलिंडर घर नहीं पहुंचता। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडेन, भारतगैस और एचपी गैस जैसी कंपनियों को एजेंसियों की रेगुलर ऑडिटिंग बढ़ानी चाहिए। डिजिटल ट्रैकिंग और GPS आधारित डिलीवरी सिस्टम लागू करने से ऐसे घोटाले रोके जा सकते हैं।
प्रशासन की भूमिका और आगे की कार्रवाई
तहसीलदार दिनेश कुटौला और सप्लाई इंस्पेक्टर मलकीत सिंह ने मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की रिपोर्ट तैयार की है। एजेंसी संचालक को नोटिस जारी किया गया है। विधायक के निर्देश पर पुलिस भी मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी में है।
यह घटना सिर्फ एक एजेंसी की लापरवाही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम में गैप की ओर इशारा करती है। रुद्रपुर जैसे औद्योगिक शहर में जहां सैकड़ों परिवार गैस पर निर्भर हैं, ऐसे स्कैम से आम जनता का विश्वास टूट रहा है।
निष्कर्ष: सख्त कानून और डिजिटल निगरानी जरूरी
रुद्रपुर गैस सिलिंडर कालाबाजारी का यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि भले ही केंद्र सरकार गरीबों के लिए योजनाएं चला रही हो, लेकिन लोकल लेवल पर सख्त निगरानी के बिना लाभ आम आदमी तक नहीं पहुंच पाता। विधायक शिव अरोरा के एक्शन से उम्मीद जागी है कि अब ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई होगी।
उपभोक्ताओं को सलाह: MyLPG ऐप पर नियमित चेक करें, बुकिंग के बिना डिलीवरी का मैसेज आए तो तुरंत एजेंसी और जिला सप्लाई ऑफिस में शिकायत दर्ज कराएं।












