देहरादून : देवभूमि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में श्री गुरु राम राय जी महाराज के पावन दरबार साहिब में आस्था और भक्ति की लहरें उमड़ पड़ी हैं। शुक्रवार को हजारों श्रद्धालुओं ने भक्ति-भाव से ओतप्रोत होकर 94 फीट ऊंचे नए श्री झण्डे जी (ध्वजदण्ड) को अपने कंधों पर उठाकर शोभायात्रा के रूप में श्री दरबार साहिब पहुंचाया। पूरा मार्ग जयकारों, पुष्प वर्षा और लंगर की खुशबू से महक उठा, जबकि वातावरण “श्री गुरु राम राय जी महाराज की जय”, “श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज की जय” और “जय श्री झण्डे जी महाराज” के नारों से गूंज रहा था।

सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल, बॉम्बे बाग में संगतें एकत्र होने लगीं। यहां दरबार साहिब के सज्जादे गद्दी नशीन श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने सभी को दर्शन और आशीर्वाद प्रदान किया। उनके मार्गदर्शन में अरदास के बाद लगभग 8 बजे नए ध्वजदण्ड को कंधों पर सजाया गया और यात्रा शुरू हुई।
शोभायात्रा टीएचडीसी चौक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, लाल पुल चौक, मातावाला बाग और सहारनपुर चौक से गुजरते हुए करीब 9:30 बजे श्री दरबार साहिब पहुंची। रास्ते भर दूनवासियों ने फूलों की वर्षा कर, शीश नवाकर और शबील-लंगर की व्यवस्था से स्वागत किया। पिछले दो महीनों से कुशल कारीगरों द्वारा तैयार किया गया यह नया ध्वजदण्ड परंपरा अनुसार पूजन के बाद स्थापित होने को तैयार है।

श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने कहा कि श्री झण्डा महोत्सव प्रेम, एकता, भाईचारे और मानवता का जीवंत प्रतीक है। यह सभी धर्मों-समुदायों को गुरु की कृपा से जोड़ता है। हर साल यह उत्सव और भव्य रूप लेता जा रहा है।
महोत्सव का शुभारंभ 8 मार्च 2026 से
ऐतिहासिक श्री झण्डे जी का आरोहण 8 मार्च को होगा, जिसके साथ महोत्सव औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा। श्री दरबार साहिब प्रबंधन का अनुमान है कि लाखों श्रद्धालु इस पावन अवसर के साक्षी बनेंगे। ठहरने के लिए विभिन्न श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूलों (बिंदाल, तालाब, राजा रोड, भण्डारी बाग, पटेल नगर आदि) और धर्मशालाओं में व्यवस्था की गई है। दर्जनों लंगर, मेला थाना, स्वास्थ्य शिविर (श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल) और अन्य सुविधाएं भी तैयार हैं।
यह उत्सव न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि सद्भाव और सामाजिक एकजुटता का भी अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है।









