भारतीय सर्राफा बाजार में 16 मार्च 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखी गई है। पिछले कुछ दिनों से जारी सुधार का दौर आज नए हफ्ते की शुरुआत में भी जारी रहा, जिससे कीमती धातुओं में भारी बिकवाली का दबाव पड़ा। यह गिरावट खरीदारों के लिए राहत वाली खबर साबित हुई है, जबकि निवेशक बाजार की इस उथल-पुथल पर नजर बनाए हुए हैं।
MCX पर भारी गिरावट का दौर
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज सुबह से ही मंदी का रुख रहा। अप्रैल 2026 कॉन्ट्रैक्ट में 24 कैरेट सोना (प्रति 10 ग्राम) ₹1,500 से अधिक की गिरावट के साथ ₹1,56,500-₹1,57,000 के आसपास कारोबार कर रहा था। दिन के शुरुआती स्तर पर यह ₹1,58,000 के ऊपर पहुंचा था, लेकिन बाद में मुनाफावसूली और वैश्विक दबाव से यह ₹1,56,200 के निचले स्तर तक फिसल गया।
चांदी में भी भारी गिरावट दर्ज की गई, जहां मई 2026 कॉन्ट्रैक्ट में ₹4,000 से अधिक की कमी आई और कीमत ₹2,54,000-₹2,55,000 प्रति किलो के स्तर पर आ गई। चांदी का निचला स्तर ₹2,54,000 के आसपास रहा।
प्रमुख शहरों में कीमतों का हाल
स्थानीय टैक्स, मांग और सप्लाई के आधार पर शहरों में भाव अलग-अलग रहे। आज इंदौर और कुछ अन्य शहरों में सोना अपेक्षाकृत सस्ता मिला, जबकि भोपाल जैसे शहरों में महंगा रहा।
सोना (24 कैरेट प्रति 10 ग्राम): दिल्ली में लगभग ₹1,56,700-₹1,57,000, मुंबई में ₹1,57,090, कोलकाता में ₹1,56,800 के आसपास। इंदौर सबसे किफायती रहा (₹1,56,200 के करीब), जबकि भोपाल में सबसे महंगा (₹1,57,200+)।
चांदी (प्रति किलो): पटना में सबसे सस्ती (₹2,54,300 के आसपास), भोपाल में महंगी (₹2,55,000 के करीब)। लखनऊ और कानपुर में भाव स्थिर रहे।
कैरेट अनुसार औसत भाव
22 कैरेट सोना (ज्यादातर ज्वेलरी के लिए): ₹1,43,000 से ₹1,44,000 प्रति 10 ग्राम के बीच।
18 कैरेट सोना: ₹1,17,000 से ₹1,18,000 के दायरे में।
गिरावट के प्रमुख कारण
अमेरिकी डॉलर की मजबूती: डॉलर इंडेक्स में उछाल से वैश्विक स्तर पर कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा।
मुनाफावसूली का दौर: जनवरी-फरवरी 2026 में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद निवेशक भारी मुनाफा बुक कर रहे हैं।
ब्याज दरों पर अनिश्चितता: अमेरिका में फेड द्वारा ब्याज दर कटौती की उम्मीदें कमजोर पड़ने से सोने की अपील घटी।
वैश्विक संकेत: COMEX पर सोना $5,000 के आसपास फिसला, चांदी भी कमजोर रही, साथ ही भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव ने बाजार को प्रभावित किया।
यह गिरावट खरीदारों के लिए सुनहरा मौका हो सकता है, लेकिन बाजार विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि निवेश से पहले वैश्विक संकेतों और फेड की नीति पर नजर रखें।













