श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल में विश्व किडनी दिवस पर गुर्दा स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और संकल्प
देहरादून: श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज के नेत्र रोग विभाग (नेफ्रोलॉजी) ने विश्व किडनी दिवस के अवसर पर एक भव्य जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इस वर्ष 12 मार्च को मनाए गए विश्व किडनी दिवस की थीम “Kidney Health for All – Caring for People, Protecting the Planet” के अनुरूप, अस्पताल ने गुर्दा स्वास्थ्य को बढ़ावा देने और पर्यावरण संरक्षण के साथ जोड़ते हुए संदेश प्रसारित किए।
कार्यक्रम के तहत किडनी जागरूकता रैली निकाली गई, जिसमें श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के लगभग 200 डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और मेडिकल छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने संयुक्त रूप से गुर्दा रोगों से बचाव का संकल्प लिया और जनमानस को जागरूक करने का वादा किया।
रैली श्री गुरु राम राय मेडिकल कॉलेज परिसर से शुरू होकर पथरी बाग होते हुए वापस संस्थान परिसर में समाप्त हुई। इसमें शामिल लोगों ने प्लेकार्ड और नारों के माध्यम से महत्वपूर्ण संदेश दिए, जैसे:

संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वच्छ जल का सेवन करें।
ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल को नियंत्रित रखें।
धूम्रपान छोड़ें और वजन को नियंत्रित रखें।
दर्द निवारक दवाओं का अनावश्यक उपयोग न करें।
रोजाना पर्याप्त पानी पिएं और गुर्दों को स्वस्थ रखें।
रैली के बाद अस्पताल के ऑडिटोरियम में एक संगोष्ठी और पैनल डिस्कशन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि और एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. उत्कर्ष शर्मा ने गुर्दा रोग विभाग की टीम की सराहना की और कहा कि अस्पताल गुर्दा रोगियों की सेवा में उत्कृष्ट कार्य कर रहा है।
गुर्दा रोग विभागाध्यक्ष डॉ. आलोक कुमार ने बताया कि मधुमेह और उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखकर अधिकांश गुर्दा रोगों से बचा जा सकता है। उन्होंने मृत्यु के बाद गुर्दा दान (deceased donor kidney transplantation) कार्यक्रम को उत्तराखंड में बढ़ावा देने पर जोर दिया ताकि अधिक लोगों को नया जीवन मिल सके।
पैनल में डॉ. विवेक रुहेला, डॉ. गौरव शेखर शर्मा, डॉ. डोरछम ख्रमे, डॉ. विवेक विज्जन, डॉ. विमल कुमार दीक्षित, डॉ. तनुज भाटिया और डॉ. नारायण जीत सिंह ने गुर्दा संबंधी समस्याओं पर चर्चा की और लोगों की जिज्ञासाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में किडनी रोगियों, उनके परिजनों और दाताओं को भी सम्मानित किया गया।
इसके अलावा, पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार दिए गए और विभागीय स्टाफ ने एक लघु नाटिका प्रस्तुत की, जिसने जागरूकता को और प्रभावी बनाया।
श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल गुर्दा रोगों के इलाज, डायलिसिस और प्रत्यारोपण में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह कार्यक्रम गुर्दा स्वास्थ्य के प्रति सामूहिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के संदेश को मजबूत करने में सफल रहा।












