देहरादून। सहस्त्रधारा रोड स्थित राजेश्वर नगर में बनाए गए बुद्धा पार्क को लेकर गूंज संस्था की अध्यक्ष सोनिया आनंद ने नगर निगम और मेयर पर पर्यावरण विरोधी होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जब शहर का प्रथम नागरिक एक पार्क का संरक्षण नहीं कर सकता तो वह पूरे शहर का संरक्षण कैसे करेगा। नगर निगम ने आज उस पार्क में लगे शीला पट को तोड़ दिया जिसको लेकर पिछले कुछ दिनों से विवाद हो रहा था। निगम की इस कार्रवाई को लेकर गूंज संस्था की अध्यक्ष सोनिया आनंद ने आरोप लगाया कि भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास कर रही है।
यह पार्क उन्होंने आम जनता की सुविधा के लिए बनाना शुरू किया था जिसमें बच्चें और बुजुर्गों को भी लाभ मिलता लेकिन नगर निगम और मेयर सुनील उनियाल गामा को यह सामाजिक कार्य रास नहीं आया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार उन सामाजिक संस्थाओं को कुचलने का प्रयास कर रही है जो पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे बढ़कर काम करना चाह रहे हैं ऐसे में नगर निगम के जो जनप्रतिनिधि पार्क का विरोध कर रहे हैं वह किस बात के जनप्रतिनिधि हैं।
क्या जनता को किसी सुविधा का विरोध करके वह जनता के हितेषी बन पाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि नगर निगम को और मेयर को इस पार्क की एनओसी रद्द करनी थी तो पहले ही करते पार्क का सौंदर्यीकरण होने के पश्चात एनओसी रद्द करने का कोई औचित्य नहीं है, यह सिर्फ और सिर्फ राजनीति है जिसका भंडाफोड़ हो चुका है और अब नगर निगम के मेयर वह भाजपा सरकार का असली चेहरा सबके सामने आ चुका है। उन्होंने कहा कि अब वह इस पार्क के लिए लंबी लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि पार्क का शिलापट तोड़कर नगर निगम ने भगवान बुद्ध और पद्मश्री डॉक्टर अनिल जोशी का भी अपमान किया है जिनके नाम पर इस पार्क का नामकरण किया गया था और जिन्होंने इस पार्क का उद्घाटन किया था। उन्होंने कहा कि समाज हितेषी होने का दावा करने वाले आज सामाजिक संस्थाओं को कुचलने का प्रयास कर रहे हैं अब वह जनता के साथ मिलकर ऐसे समाज विरोधियों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगी।












