Tuesday, June 30, 2026
  • About
  • Terms and Conditions
  • Privacy Policy
  • Contact
Hastakshep News
  • Home
  • उत्तराखंड
  • उत्तरप्रदेश
  • राजनीति
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • क्राइम
  • दुर्घटना
  • नौकरी
  • खेल
  • तबादले
  • More
    • व्यापार
    • लाइफ स्टाइल
    • मनोरंजन
    • मौसम
    • रियल एस्टेट
No Result
View All Result
Hastakshep News
Home Uncategorized

लोकायुक्त संस्थान के नाम पर हो रहे घोटाले के खिलाफ, याचिका पर आज उच्च न्यायालय की सुनवाई।

लोकायुक्त संस्थान के नाम पर हो रहे घोटाले के खिलाफ, याचिका पर आज उच्च न्यायालय की सुनवाई।
0
SHARES
52
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

“उत्तराखंड राज्य में लोकायुक्त की नियुक्ति” एवं लोकायुक्त संस्थान को सुचारू किए जाने की प्रार्थना के साथ गौलापार निवासी “रविशंकर जोशी” के द्वारा दायर करी गई जनहित याचिका में आज माननीय उच्च न्यायालय, नैनीताल में सुनवाई हुई।

याची “रविशंकर जोशी” द्वारा माननीय न्यायालय को बताया गया कि लोकायुक्त संस्थान के नाम पर वार्षिक 2 से 3 करोड़ रुपए खर्च हो रहे हैं परंतु प्रदेश सरकार द्वारा आज तक लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की गई है। याची द्वारा बताया गया कर्नाटक में तथा मध्य प्रदेश में लोकायुक्त द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जा रही है परंतु उत्तराखंड में तमाम घोटाले हो रहे हैं। हर एक छोटे से छोटा मामला उच्च न्यायालय में लाना पड़ रहा है।

Related posts

कैबिनेट मंत्री पार्टनरशिप यूनिवर्सिटी घोटाले में बड़ी कार्रवाई,  भाजपा–कांग्रेस नेताओं के कॉलेज रडार पर

कैबिनेट मंत्री पार्टनरशिप यूनिवर्सिटी घोटाले में बड़ी कार्रवाई, भाजपा–कांग्रेस नेताओं के कॉलेज रडार पर

June 29, 2026
देहरादून: ब्लैकमेलिंग ने छीनी मेडिकल छात्र की जान, मां ने लखनऊ की युवती पर लगाया आरोप

देहरादून: ब्लैकमेलिंग ने छीनी मेडिकल छात्र की जान, मां ने लखनऊ की युवती पर लगाया आरोप

June 29, 2026

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रदेश सरकार को आदेशित किया गया है कि वह एक अतिरिक्त शपथ पत्र के माध्यम से यह बताए कि लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए आज तक क्या किया है। उक्त शपथ पत्र में संस्थान बनने से 31 मार्च 2023 तक वर्षवार कितना खर्चा किया गया है, उसका विवरण भी आना चाहिए।
उक्त शपथ पत्र 3 सप्ताह के भीतर दाखिल होना है। मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी।

याचिकाकर्ता “रविशंकर जोशी” ने विजिलेंस और SIT जैसी जांच एजेंसियों द्वारा NH-74 मुआवजा घोटाला, समाज कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति घोटाला, स्वास्थ्य विभाग के NHM में दवा खरीद घोटाले जैसे अनेकों प्रकरणों को ठंडे बस्ते में डालने का उदाहरण देते राज्य में स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच एजेंसी के रूप में लोकायुक्त की नियुक्ति की मांग की गई।

हाईकोर्ट को अवगत कराया गया की वर्तमान में राज्य की सभी जांच एजेंसी सरकार के अधीन है, जिसका पूरा नियंत्रण राज्य के राजनैतिक नेतृत्व के हाथों में रहता है।

वर्तमान में उत्तराखंड राज्य में कोई भी ऐसी जांच एजेंसी नही है “जिसके पास यह अधिकार हो की वह बिना शासन की पूर्वानुमति के, किसी राजपत्रित अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार का मुकदमा पजीकृत कर सके या जांच का किसी न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर सके” ।

उत्तराखंड राज्य की वर्तमान व्यवस्था में राज्य सरकार के प्रभाव व हस्तक्षेप से मुक्त ऐसी कोई भी जांच एजेंसी नही है, जो मुख्यमंत्री सहित किसी भी जनप्रतिनिधि या किसी भी लोकसेवक के विरुद्ध स्वतंत्र व निष्पक्ष जांच और कार्यवाही कर सकें।

स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के नाम पर प्रचारित किया जाने वाला विजिलेंस विभाग भी राज्य पुलिस का ही हिस्सा है, जिसका सम्पूर्ण नियंत्रण पुलिस मुख्यालय, सतर्कता विभाग या मुख्यमंत्री कार्यालय के पास ही रहता है…..इस कारण राज्य की विजिलेंस का भारतीय प्रशासनिक सेवा, राज्य प्रशासनिक सेवा के किसी अधिकारी या किसी शीर्ष राजनैतिक व्यक्ति पर कार्यवाही का कोई इतिहास नही है।

राज्य सरकार के नियंत्रण वाली इन जांच एजेंसियों में “जांच एजेंसी को किन-किन बिंदुओं पर जांच करनी है, जांच एजेंसी में नियुक्ति व स्थानांतरण सहित सभी प्रशासनिक अधिकार, जांच समिति का बजट, चार्जसीट दाखिल करने की स्वीकृति देना, अभियोग दर्ज करने की स्वीकृति देना, जांच के दौरान जांच की पूरी मॉनिटरिंग, जांच के दौरान जांच अधिकारियों को सभी प्रकार के निर्देश देना, जांच के दौरान जांच की समीक्षा करना आदि पूरा नियंत्रण राजनैतिक नेतृत्व के हाथों में रहता है। कई बार तो जांच के बीच में ही, बिना उचित कारण के पूरी जांच एजेंसी को ही बदल दिया गया है।

क्योंकि वर्तमान व्यवस्था में उपलब्ध सभी जांच एजेंसियों में राज्य सरकार के नियंत्रण वाले कर्मचारी और अधिकारी ही जांच- अधिकारी होते है, इसलिए स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच पूरी तरह से सत्ताधारी दल की मंशा और उसके राजनैतिक एजेंडे पर निर्भर करती है। राज्य के अब तक के इतिहास में किसी शीर्ष राजनैतिक या प्रशासनिक व्यक्ति की जांच और कार्यवाही का नहीं होना इसका स्पष्ट प्रमाण है।

राज्य की लगभग हर प्रतियोगी परीक्षा में हुई धांधली, खनन-भूमि सहित प्रशासनिक स्तर पर गंभीर भ्रष्टाचार के अनगिनत प्रकरणों में, जनप्रतिनिधियों व लोकसेवकों द्वारा अजीत की गई अकूल संपत्ति सहित किसी भी प्रकरण में वर्तमान की किसी जांच एजेंसी ने आजतक कोई स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का उदाहरण प्रस्तुत नही किया है।

यही कारण है की प्रदेश के किसी भी नागरिक को वर्तमान जांच व्यवस्था पर बिल्कुल भी विश्वास नहीं रहा है, जिसका परिणाम कुछ दिनों पूर्व राज्य के प्रतियोगी युवाओं द्वारा हतासा और आक्रोश में की गई हिंसा के रूप में सामने आया है। भ्रष्टाचार से कुंठित समाज अराजक होता जा रहा है।

एक पूरी तरह से पारदर्शी, स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच व्यवस्था राज्य के नागरिकों के लिए कितनी महत्वपूर्ण है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण यही है की पूर्व के विधानसभा चुनावों में राजनैतिक दलों द्वारा राज्य में अपनी सरकार बनने पर प्रशासनिक और राजनैतिक भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए एक सशक्त लोकायुक्त की नियुक्ति का वादा किया था। जिसका प्रभाव यह हुआ कि राज्य की जनता ने उक्त राजनीतिक दल को बहुमत देकर राज्य की सत्ता सौंपी, पर स्वयं के ऊपर लोकायुक्त जैसे किसी सशक्त निगरानी तंत्र को लागू नहीं होने देने की मंशा से राजनैतिक नेतृत्व द्वारा राज्य में आजतक लोकायुक्त की नियुक्ति नही की गई है।

Previous Post

बागेश्वर में कमरे में बंद मिले मां और तीन बच्चों के शव, मर्डर या सुसाइड में उलझी गुत्थी?

Next Post

भाई-बहन ने लिफ्ट मांगी और दो लाख 88 हजार रुपये, उड़ा ले गए।

Next Post
भाई-बहन ने लिफ्ट मांगी और  दो लाख 88 हजार रुपये, उड़ा ले गए।

भाई-बहन ने लिफ्ट मांगी और दो लाख 88 हजार रुपये, उड़ा ले गए।

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

RECOMMENDED NEWS

बड़ी खबर: खनन माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, हरिद्वार-लक्सर में पांच स्टोन क्रेशर बंद

बड़ी खबर: खनन माफियाओं पर प्रशासन का शिकंजा, हरिद्वार-लक्सर में पांच स्टोन क्रेशर बंद

12 months ago
दुखद: करंट की चपेट में आने से मजदूर की मृत्यु

दुखद: करंट की चपेट में आने से मजदूर की मृत्यु

5 years ago
नव अंशिका फाउण्डेशन 11 सितम्बर को होगा सीजन-2 “गोल्डन गाला अवार्ड 2025”

नव अंशिका फाउण्डेशन 11 सितम्बर को होगा सीजन-2 “गोल्डन गाला अवार्ड 2025”

10 months ago
बड़ी खबर: यहां तारबाड़ में करंट छोड़ने से 5 बंदरों की मौत। वन विभाग में मचा हड़कंप..

बड़ी खबर: यहां तारबाड़ में करंट छोड़ने से 5 बंदरों की मौत। वन विभाग में मचा हड़कंप..

3 years ago

BROWSE BY CATEGORIES

  • Uncategorized
  • आपकी नज़र
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • खेल
  • तबादले
  • दुर्घटना
  • नौकरी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • रियल एस्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • हस्तक्षेप

POPULAR NEWS

  • मौसम अपडेट: मौसम विभाग ने जारी किया तत्कालिक मौसम अलर्ट

    मौसम अपडेट: मौसम विभाग ने जारी किया तत्कालिक मौसम अलर्ट

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • बड़ी खबर : लापता एसडीएम से हुआ डीएम का संपर्क।जिला प्रशासन ने ली राहत की सांस

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • गुड न्यूज : कर्मचारियों का बढ़ा 14 % DA

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • बड़ा खुलासा : UKSSSC भर्ती घोटाला मामले में पकड़े गए जेई की पत्नी भी एई। ऊर्जा निगमों की भर्ती मे भी बड़े घोटाले की आशंका

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
  • Ration card update: अब एक दिन में बनेगा राशन कार्ड। जानिए कैसे

    0 shares
    Share 0 Tweet 0
Hastakshep News

We are providing you the latest daily news.Please subscribe our channel and get the all news.

Follow us on social media:

Recent News

  • कैबिनेट मंत्री पार्टनरशिप यूनिवर्सिटी घोटाले में बड़ी कार्रवाई, भाजपा–कांग्रेस नेताओं के कॉलेज रडार पर
  • देहरादून: ब्लैकमेलिंग ने छीनी मेडिकल छात्र की जान, मां ने लखनऊ की युवती पर लगाया आरोप
  • तुंगनाथ पर मंडरा रहा खतरा, जानिए क्या है वजह

Category

  • Uncategorized
  • आपकी नज़र
  • उत्तरप्रदेश
  • उत्तराखंड
  • क्राइम
  • खेल
  • तबादले
  • दुर्घटना
  • नौकरी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • राजनीति
  • रियल एस्टेट
  • लाइफ स्टाइल
  • व्यापार
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • हस्तक्षेप

Recent News

कैबिनेट मंत्री पार्टनरशिप यूनिवर्सिटी घोटाले में बड़ी कार्रवाई,  भाजपा–कांग्रेस नेताओं के कॉलेज रडार पर

कैबिनेट मंत्री पार्टनरशिप यूनिवर्सिटी घोटाले में बड़ी कार्रवाई, भाजपा–कांग्रेस नेताओं के कॉलेज रडार पर

June 29, 2026
देहरादून: ब्लैकमेलिंग ने छीनी मेडिकल छात्र की जान, मां ने लखनऊ की युवती पर लगाया आरोप

देहरादून: ब्लैकमेलिंग ने छीनी मेडिकल छात्र की जान, मां ने लखनऊ की युवती पर लगाया आरोप

June 29, 2026
  • About
  • Terms and Conditions
  • Privacy Policy
  • Contact

© 2022 - all right reserved for Hastakshep designed by Ashwani Rajput.

No Result
View All Result
  • Home
  • राजनीति
  • स्वास्थ्य
  • शिक्षा
  • क्राइम
  • दुर्घटना
  • नौकरी
  • More
    • व्यापार
    • लाइफ स्टाइल
    • मनोरंजन
    • मौसम
    • रियल एस्टेट

© 2022 - all right reserved for Hastakshep designed by Ashwani Rajput.