चंपावत : चंपावत जिले में पर्यटन को नई ऊँचाइयों पर ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है! मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मां पूर्णागिरि मेले के भव्य शुभारंभ के अवसर पर विशेष पर्यटन सर्किट विकसित करने की बड़ी घोषणा की है। यह पहल न केवल मां पूर्णागिरि धाम की यात्रा को और अधिक सुगम व आकर्षक बनाएगी, बल्कि पूरे चंपावत जिले को धार्मिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक और साहसिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस सर्किट के माध्यम से पूर्णागिरि धाम को अन्य प्रमुख मंदिरों, ऐतिहासिक स्थलों, खूबसूरत प्राकृतिक केंद्रों और एडवेंचर एक्टिविटी स्पॉट्स से जोड़ा जाएगा। इससे श्रद्धालु और पर्यटक केवल एक धाम तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि वे चंपावत की समृद्ध विरासत, शांत वादियों और रोमांचक अनुभवों का पूरा आनंद ले सकेंगे।
इस दिशा में विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं:
मां पूर्णागिरि मंदिर तक रोपवे का निर्माण (लगभग 45 करोड़ रुपये की लागत से), जो यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाएगा।
पुल निर्माण, पंचेश्वर क्षेत्र में हेलीपैड, मल्टी-लेवल पार्किंग और बेहतर परिवहन सुविधाओं का विस्तार।
शारदा कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत टनकपुर से बनबासा तक रिवर फ्रंट विकास, जो प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को जोड़ेगा।
सड़क संपर्क, संचार व्यवस्था और आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर विशेष फोकस।
यह परियोजना मां पूर्णागिरि मेले को वर्षभर संचालित करने के लक्ष्य से जुड़ी है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, नए रोजगार सृजन होंगे और चंपावत पर्यटन मानचित्र पर चमकेगा। मुख्यमंत्री की यह पहल प्रदेश में मंदिरों के सुंदरीकरण और श्रद्धालुओं की सुविधा के निरंतर प्रयासों का बेहतरीन उदाहरण है।









