रुद्रपुर : गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (जीबीपीयूएटी), पंतनगर के एक हॉस्टल में भोजन ग्रहण करने के बाद लगभग 150 छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। छात्रों में उल्टी और पेट में तेज दर्द की शिकायतें सामने आईं। घटना की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। चिकित्सा टीम को हॉस्टल भेजा गया है।
घटना का विवरण
विश्वविद्यालय के हॉस्टल में रह रहे छात्रों ने रात के भोजन के बाद स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां महसूस कीं। हॉस्टल में लगभग 184 छात्र है प्रभावित छात्रों की संख्या करीब 150 बताई जा रही है। मुख्य लक्षणों में बार-बार उल्टी होना और पेट में मरोड़ शामिल हैं। विश्वविद्यालय के चिकित्सा अधिकारियों ने तुरंत हॉस्टल पहुंचकर पीड़ित छात्रों को प्राथमिक उपचार मुहैया कराया।
स्थिति को नियंत्रण में रखते हुए प्रशासन ने छात्रों की निगरानी बढ़ा दी है। अधिकांश छात्रों की हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टर सतर्क नजर रखे हुए हैं।
कुलपति का सख्त रुख
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. शिवेंद्र कुमार कश्यप ने इस गंभीर मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से तत्काल स्पष्टीकरण मांगा है और भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश दिए हैं।
डॉ. कश्यप ने कहा कि छात्रों की स्वास्थ्य सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने खाद्य सामग्री के नमूनों को जांच के लिए भेजने का आदेश दिया है ताकि वास्तविक कारण का पता लगाया जा सके। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
हॉस्टल भोजन व्यवस्था पर उठे सवाल
जीबी पंत विश्वविद्यालय में हॉस्टल की भोजन व्यवस्था छात्रों के स्वास्थ्य और पोषण के लिए महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय परिसर में कई हॉस्टल हैं, जहां सैकड़ों छात्र रहते हैं। ऐसे में भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता और तैयारी की प्रक्रिया पर सख्त निगरानी रखना आवश्यक है।
पिछले कुछ समय में विश्वविद्यालय परिसर में भोजन संबंधी शिकायतें समय-समय पर उठती रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर मेस प्रबंधन, खाद्य सुरक्षा मानकों और नियमित निरीक्षण की जरूरत को रेखांकित किया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसमें खाद्य सामग्री की नियमित जांच, मेस स्टाफ को प्रशिक्षण और स्वच्छता मानकों का सख्त पालन शामिल है।










