डाक विभाग में बनाए गए IDC (Independent Delivery Centre) की व्यवस्था को लेकर कर्मचारियों की ओर से कई समस्याएं सामने आई हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नई व्यवस्था से कामकाज प्रभावित हो रहा है और कई प्रशासनिक दिक्कतें पैदा हो रही हैं।
कर्मचारियों के अनुसार पहले पार्सल और डाक सामग्री सीधे जिला GPO में भेजी जाती थी, लेकिन अब IDC व्यवस्था लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले पार्सलों को अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे कई मामलों में 40 से 50 किलोमीटर तक का अतिरिक्त प्रभाव पड़ रहा है और वितरण व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
इसके अलावा कर्मचारियों ने यह भी शिकायत की है कि पोस्टमैन पेट्रोल भत्ता और मोबाइल रिचार्ज से जुड़ी राशि लगभग 15 दिनों से लंबित है, जिससे कर्मचारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
एक अन्य मुद्दे में कहा गया है कि मेडिकल बिलों का भुगतान समय पर नहीं हो रहा, जिसके कारण कर्मचारियों में नाराजगी है।
कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि कुछ स्थानों पर डाक वितरण और कार्यों का आवंटन निजी संस्थानों से जुड़े लोगों के पक्ष में किया जा रहा है, जिससे व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
इस संबंध में कर्मचारियों के प्रतिनिधि ने विभागीय अधिकारियों से समस्याओं का समाधान जल्द करने की मांग की है, ताकि डाक सेवाओं का संचालन सुचारू रूप से हो सके।









