देहरादून : देहरादून में एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना ने पूरे उत्तराखंड पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया है। रायपुर थाना क्षेत्र की पुलिस हवालात में बंद एक युवक ने आत्महत्या कर ली। युवक प्रांतीय रक्षक दल (PRD) में तैनात था और युवा कल्याण विभाग से भी जुड़ा हुआ था। यह घटना ड्रिंक एंड ड्राइव के एक मामूली झगड़े के बाद हुई, जिसने अब हवालात सुरक्षा व्यवस्था और नशे में पकड़े गए व्यक्तियों की देखभाल पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

घटना का पूरा विवरण: क्या हुआ रायपुर थाने में?
पुलिस को पहले एक सार्वजनिक झगड़े की सूचना मिली थी। जब टीम मौके पर पहुंची तो युवक नशे की हालत में था। पुलिस ने उसे ड्रिंक एंड ड्राइव का मामला दर्ज करते हुए हिरासत में लिया और रायपुर थाने की हवालात में बंद कर दिया। हवालात में बंद किए जाने के कुछ ही घंटों बाद युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। घटना की सूचना मिलते ही पूरे थाना परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिसकर्मी और स्टाफ हैरान रह गए।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमेन्द्र डोबाल ने तुरंत मामले की गहन जांच के आदेश दे दिए। उन्होंने कहा कि हर पहलू की बारीकी से जांच होगी। शव का पैनल पोस्टमार्टम कराया जाएगा ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। पुलिस अभी तक मृतक युवक का नाम सार्वजनिक नहीं कर रही है, लेकिन जांच में शामिल अधिकारियों के अनुसार वह नशे में था और झगड़े के मामले में पकड़ा गया था।
SSP प्रमेन्द्र डोबाल की त्वरित कार्रवाई और जांच की दिशा
SSP प्रमेन्द्र डोबाल खुद रायपुर थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने हवालात की CCTV फुटेज, ड्यूटी चार्ट, गार्डों की ड्यूटी और युवक की स्वास्थ्य स्थिति की जांच के सख्त निर्देश दिए हैं। उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय भी इस मामले पर नजर रखे हुए है।

पुलिस का आधिकारिक बयान है कि हवालात में बंद हर व्यक्ति की नियमित निगरानी अनिवार्य है, खासकर अगर वह नशे की हालत में हो। इस मामले में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन हुआ या नहीं, यह जांच का सबसे बड़ा मुद्दा बनेगा।
हवालात सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
उत्तराखंड पुलिस के नियमों के मुताबिक, हवालात में बंद व्यक्ति की हर 15-30 मिनट में निगरानी होनी चाहिए। नशे में पकड़े गए व्यक्ति को मेडिकल जांच और काउंसलिंग की भी जरूरत होती है। इस घटना ने पूरे राज्य में हवालात व्यवस्था को लेकर बहस छेड़ दी है।
कई सामाजिक संगठन और कानून विशेषज्ञ अब पूछ रहे हैं कि क्या हवालात में पर्याप्त रोशनी, CCTV कवरेज और मेडिकल स्टाफ उपलब्ध था? क्या युवक को कोई मानसिक तनाव था जिसकी पुलिस को जानकारी नहीं थी? ये सभी सवाल अब जांच के दायरे में हैं।
PRD युवक की पृष्ठभूमि और परिवार पर छाया शोक
मृतक PRD में तैनात था, जो उत्तराखंड में होमगार्ड जैसी सहायक पुलिस फोर्स है। युवा कल्याण विभाग से जुड़ाव के कारण वह सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय था। परिवार और परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई है। अभी तक पुलिस ने परिवार को पूरी जानकारी नहीं दी है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद शव सौंपा जाएगा।












