उत्तराखंड : 30 मार्च 2026 को उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पर्वतीय क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी कर दिया है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के कुछ हिस्सों में आज बिजली चमकने, ओलावृष्टि और 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफान चलने की आशंका है।
यह चेतावनी उन लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो पहाड़ी इलाकों में रहते हैं या यात्रा पर जा रहे हैं।
IMD का ऑरेंज अलर्ट: किन-किन जिलों में खतरा सबसे ज्यादा?
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून ने आज सुबह जारी पूर्वानुमान में स्पष्ट किया है कि उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश, ओले गिरने और आंधी-तूफान की पूरी संभावना है।
ये पांच जिले चारधाम यात्रा मार्ग और हिमालयी क्षेत्र से जुड़े होने के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों दोनों के लिए जोखिम भरे हैं। IMD ने इन क्षेत्रों में 30-50 किमी/घंटा की तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की चेतावनी दी है।
ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और ओलावृष्टि की संभावना
3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में आज हल्की से मध्यम बर्फबारी होने की संभावना है। खासकर केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री क्षेत्रों के आसपास बर्फ जमा हो सकती है।
ओलावृष्टि से फसलों, बागानों और पशुधन को भारी नुकसान पहुंचने का खतरा है। पिछले सालों में भी मार्च-अप्रैल में ऐसी घटनाएं फसलों को बर्बाद कर चुकी हैं।
मैदानी इलाकों में गर्जन के साथ हल्की बारिश का अलर्ट
हरिद्वार, देहरादून, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जैसे मैदानी जिलों में आज गर्जन के साथ हल्की बारिश हो सकती है। तापमान में 4-6 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा रही है।
रविवार को भी पर्वतीय और कुछ मैदानी हिस्सों में हल्की बारिश हुई थी, जिससे पूरे प्रदेश में ठंड बढ़ गई।
3 अप्रैल तक उत्तराखंड में बदला रहेगा मौसम
IMD के अनुसार 31 मार्च से 3 अप्रैल तक पूरे उत्तराखंड में मौसम बदला हुआ ही रहेगा। बीच-बीच में हल्की बारिश, बर्फबारी और ओले पड़ने की आशंका बनी रहेगी। 2 अप्रैल के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से मौसम में और बदलाव आ सकता है।
रविवार को तापमान में क्यों आई गिरावट?
कल यानी रविवार को पर्वतीय इलाकों के साथ-साथ कुछ मैदानी क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। इससे दिन का अधिकतम तापमान औसतन 3-5 डिग्री कम हो गया। पहाड़ों पर ठंड बढ़ने से पर्यटक और स्थानीय लोग दोनों प्रभावित हुए।
नागरिकों, पर्यटकों और किसानों के लिए जरूरी सावधानियां
ओलावृष्टि से बचाव: पशुधन को छत के नीचे रखें, पॉलीहाउस और खेतों पर निगरानी रखें।
तेज तूफान: 50 किमी/घंटा की हवाओं में बाहर निकलने से बचें। बिजली चमकते समय मोबाइल, लैपटॉप और इलेक्ट्रिक उपकरणों से दूर रहें।
यात्रा पर जा रहे लोग: चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ की सड़कों पर पत्थर गिरने और भूस्खलन की आशंका है। यात्रा से पहले BRO और पुलिस की वेबसाइट चेक करें।
चारधाम यात्रा: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। गर्म कपड़े और एंटी-स्लिप जूते साथ रखें।











