देहरादून : घरेलू गैस सिलिंडर की लगातार कमी ने एक बार फिर स्थानीय लोगों का धैर्य तोड़ दिया है। शुक्रवार सुबह भुड्डी गांव की महिलाओं ने शिमला बाईपास पर सड़क जाम कर दिया। एजेंसी संचालक और जिला आपूर्ति विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उन्होंने लंबा प्रदर्शन किया। इस दौरान सैकड़ों स्थानीय निवासी भी जुड़ गए, जिससे बाईपास पर किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
भुड्डी गांव में गैस सिलिंडर आपूर्ति क्यों ठप पड़ी?
पिछले कई दिनों से भुड्डी गांव समेत आसपास के इलाकों में गैस सिलिंडर की डिलीवरी बंद पड़ी हुई है। महिलाएं बताती हैं कि ऑर्डर दिए हुए 15-20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन सिलिंडर नहीं पहुंचा। कई परिवार रसोई बनाने के लिए लकड़ी और कोयला इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। एक स्थानीय महिला ने बताया, “हम रोज सुबह एजेंसी के बाहर लाइन लगाते हैं, लेकिन हर बार यही जवाब मिलता है कि स्टॉक नहीं है। बच्चे स्कूल जाने से पहले नाश्ता नहीं बना पा रहे, घर का काम ठप हो गया है।”
यह समस्या सिर्फ भुड्डी गांव तक सीमित नहीं है। देहरादून के कई अन्य इलाकों में भी इसी तरह की शिकायतें आ रही हैं। बढ़ते तापमान और पर्यटन सीजन के कारण मांग बढ़ने पर आपूर्ति विभाग पूरी तरह तैयार नहीं दिख रहा।
महिलाओं का आक्रोश और सड़क जाम का पूरा घटनाक्रम
सुबह 9 बजे के आसपास भुड्डी गांव की करीब 50 महिलाएं शिमला बाईपास पर उतर आईं। उन्होंने एजेंसी संचालक के खिलाफ नारे लगाए और आपूर्ति विभाग को तुरंत कार्रवाई की मांग की। कुछ देर बाद पुरुष सदस्य भी शामिल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर बैठकर ट्रैफिक रोक दिया। नतीजा? शिमला बाईपास से लेकर रिस्को और मसूरी रोड तक वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बातचीत शुरू की। प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा, “जब तक लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता कि 48 घंटे के अंदर सिलिंडर पहुंच जाएंगे, हम सड़क नहीं खाली करेंगे।” दो घंटे बाद आश्वासन मिलने के बाद जाम खुला, लेकिन लोगों का गुस्सा अभी भी बरकरार है।
ट्रैफिक जाम से आम जनजीवन पर पड़ा असर
शिमला बाईपास देहरादून का व्यस्ततम रूट है। सुबह के समय हजारों वाहन यहां से गुजरते हैं। जाम की वजह से स्कूल वैन, ऑफिस जाने वाले लोग और मरीजों की गाड़ियां फंस गईं। कई लोग देर से पहुंचे तो नौकरी पर भी असर पड़ा। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “हर हफ्ते यही हाल है। गैस नहीं मिलने से छोटे होटल और ढाबे भी बंद हो रहे हैं। पर्यटक सीजन में यह समस्या और गंभीर हो गई है।”
आपूर्ति विभाग का बयान
जिला आपूर्ति अधिकारी ने प्रदर्शन के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि कुछ एजेंसियों में तकनीकी समस्या और सप्लाई चेन में देरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि अगले 2-3 दिनों में अतिरिक्त सिलिंडर भेजे जा रहे हैं। हालांकि प्रदर्शनकारियों को यह जवाब संतोषजनक नहीं लगा। वे मांग कर रहे हैं कि एजेंसी संचालक के खिलाफ कार्रवाई हो और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाए ताकि हर सिलिंडर की डिलीवरी का रिकॉर्ड रखा जा सके।
क्या करें अगर आपको गैस सिलिंडर नहीं मिल रहा?
MyLPG.in या कंपनी ऐप पर बुकिंग करें और ट्रैकिंग नंबर नोट करें।
जिला आपूर्ति कार्यालय में लिखित शिकायत दर्ज कराएं।
कंज्यूमर हेल्पलाइन 1913 पर कॉल करें।
पड़ोसी एजेंसी से संपर्क करें अगर आपकी एजेंसी फेल हो रही है।











