देहरादून : सोशल मीडिया और यूट्यूब पर सनसनी फैलाने की होड़ में एक बार फिर फर्जी खबरों की पोल खुल गई है। श्री महंत इंद्रेश अस्पताल देहरादून ने राय शुमारी यूट्यूब चैनल के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून को लिखित तहरीर दी है। अस्पताल प्रबंधन ने चैनल पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और 5 करोड़ रुपये का मानहानि का दावा दायर करने की तैयारी कर रहा है।
यह मामला एक नवजात शिशु के इलाज को लेकर उठा है। राय शुमारी चैनल ने एक वीडियो में दावा किया कि 25 हजार रुपये न होने के कारण बच्चे का इलाज नहीं हो सका। इस भ्रामक खबर ने अस्पताल की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। अस्पताल का कहना है कि यह पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश की गई झूठी खबर थी, जिसका मकसद सिर्फ सस्ती लोकप्रियता हासिल करना था।
अस्पताल प्रबंधन की सख्त कार्रवाई और SSP को दी गई तहरीर
श्री महंत इंद्रेश अस्पताल के प्रबंधन ने तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने SSP देहरादून को आधिकारिक पत्र भेजकर राय शुमारी यूट्यूब चैनल पर मानहानि, भ्रामक प्रचार और जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। अस्पताल ने स्पष्ट किया कि चैनल ने बिना किसी तथ्य की जांच किए वीडियो अपलोड कर दिया, जिससे अस्पताल की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि ऐसे यूट्यूब चैनल सनसनीखेज खबरें बनाकर व्यूज कमाते हैं, लेकिन इससे मरीजों और उनके परिजनों का भरोसा टूटता है। इस मामले में 5 करोड़ रुपये का मानहानि मुकदमा दायर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही सरकार से अपील की गई है कि ऐसे भ्रामक यूट्यूब चैनलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए।
नवजात शिशु के पिता आशीष राजवंशी का खुला बयान – “अस्पताल ने दिया नया जीवन”
झूठ उजागर होने में सबसे बड़ा सबूत बच्चे के पिता आशीष राजवंशी का बयान है। उन्होंने खुद सामने आकर अस्पताल का पक्ष लिया। आशीष राजवंशी ने कहा, “श्री महंत इंद्रेश अस्पताल ने मेरे बच्चे को नया जीवन दिया है। इमरजेंसी में तुरंत इलाज शुरू हुआ, कोई देरी नहीं हुई। डॉक्टर्स और स्टाफ की सेवाओं से मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं। मुझे अस्पताल से कोई शिकायत नहीं है।”
उन्होंने यह भी बताया कि बच्चे की हालत अब स्थिर है और एक-दो दिनों में छुट्टी मिलने की उम्मीद है। इस बयान ने राय शुमारी चैनल की पूरी कहानी को झुठला दिया। स्पष्ट है कि चैनल ने बिना पिता से बात किए या तथ्यों की पुष्टि किए सिर्फ वायरल होने के लिए खबर बनाई।
श्री महंत इंद्रेश अस्पताल की उपलब्धियां और आयुष्मान योजना में अग्रणी भूमिका
श्री महंत इंद्रेश अस्पताल उत्तराखंड का प्रमुख मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल है। यह आयुष्मान भारत योजना के तहत हर साल सबसे ज्यादा मरीजों का इलाज करने वाला अग्रणी अस्पताल है। गरीब और जरूरतमंद परिवारों को यहां निःशुल्क या न्यूनतम खर्च पर बेहतरीन इलाज मिलता है। नवजात शिशु की देखभाल के लिए भी अस्पताल में उन्नत NICU सुविधाएं उपलब्ध हैं।
अस्पताल प्रबंधन ने हमेशा पारदर्शिता बनाए रखी है। ऐसे में फर्जी खबर से न सिर्फ अस्पताल की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई, बल्कि मरीजों का विश्वास भी डिगा। यही कारण है कि प्रबंधन ने कानूनी कार्रवाई का फैसला लिया।
सोशल मीडिया पर फेक न्यूज का बढ़ता खतरा – जनता को क्यों करनी चाहिए तौबा
आजकल यूट्यूब चैनल सनसनी फैलाकर व्यूज और पैसे कमाने की होड़ में लगे हैं। राय शुमारी चैनल जैसी घटनाएं आम हो गई हैं। भ्रामक समाचार न सिर्फ अस्पतालों की छवि खराब करते हैं, बल्कि समाज में अनावश्यक घबराहट भी पैदा करते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे चैनलों से जनता को दूर रहना चाहिए। सरकार को भी यूट्यूब और सोशल मीडिया पर फेक न्यूज रोकने के लिए सख्त कानून बनाने चाहिए। सूचना और प्रसारण मंत्रालय को ऐसे चैनलों पर नजर रखनी चाहिए और बार-बार उल्लंघन करने वालों को बैन करना चाहिए।












