देहरादून : उत्तराखंड विधानसभा का विशेष सत्र मंगलवार को आयोजित होने जा रहा है, जिसकी सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार का सत्र ‘नारी शक्ति वंदन’ थीम को समर्पित रहेगा और सदन में “नारी सम्मान: लोकतंत्र में अधिकार” विषय पर विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। राजनीतिक दृष्टि से यह सत्र बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और टकराव के संकेत मिल रहे हैं।
सत्र के दौरान सत्तारूढ़ दल भाजपा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे पर कांग्रेस और इंडी गठबंधन को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, विपक्ष ने भी सरकार की नीतियों और मंशा पर सवाल उठाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, सदन में आरोप-प्रत्यारोप के साथ-साथ जोरदार हंगामे की भी संभावना है।
दरअसल, संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम संशोधन विधेयक पारित न हो पाने के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक तनातनी बढ़ी हुई है। इसी क्रम में भाजपा शासित राज्यों में इस मुद्दे को लेकर विशेष सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। उत्तराखंड में यह सत्र उसी श्रृंखला का हिस्सा माना जा रहा है।
सत्तापक्ष का फोकस कांग्रेस के रुख को सवालों के घेरे में लाने पर रहेगा, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करार दे रहा है। देहरादून में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस विधानमंडल दल की बैठक में सत्र के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की गई। विपक्ष का कहना है कि महिला आरक्षण जैसे गंभीर मुद्दे पर भाजपा केवल राजनीति कर रही है, जिसे सदन में उजागर किया जाएगा।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह सत्र केवल नीतिगत चर्चा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आगामी चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन भी होगा। ऐसे में सदन का माहौल गर्म रहने की पूरी संभावना है।
उत्तराखंड विधानसभा के प्रमुख विशेष सत्र
18 मई 2015: तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के उत्तराखंड आगमन के अवसर पर विशेष सत्र आयोजित हुआ था।
5 फरवरी 2024: समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित होने के कारण यह सत्र विशेष महत्व का रहा, हालांकि यह मानसून सत्र का विस्तार था।
3 नवंबर 2025: राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशेष सत्र बुलाया गया।
इस बार का विशेष सत्र महिला सशक्तिकरण जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण विषय पर केंद्रित है, जिससे इसकी राजनीतिक और सामाजिक अहमियत और भी बढ़ जाती है










