उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विज्ञान विभाग देहरादून ने राज्य के कई जिलों के लिए 28 और 29 अप्रैल को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार इन दिनों प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
किन जिलों में ज्यादा असर
28 अप्रैल को नैनीताल, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहेगा। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ तेज बारिश, ओले गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
वहीं 29 अप्रैल को अलर्ट का दायरा और बढ़ जाएगा। इस दिन नैनीताल के साथ देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसका मतलब है कि इन इलाकों में मौसम से जुड़ी घटनाएं ज्यादा तीव्र हो सकती हैं और लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।
30 अप्रैल तक येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 28 से 30 अप्रैल के बीच राज्य के अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। इस दौरान कई स्थानों पर गरज के साथ बिजली चमकने, हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि इन क्षेत्रों में खतरा अपेक्षाकृत कम रहेगा, लेकिन सतर्कता जरूरी बताई गई है।
प्रशासन अलर्ट मोड में
स्थिति को देखते हुए राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर सभी जरूरी तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रखे गए हैं।
प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीमों को तैयार रखा जाए और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए।
मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न होने, तथा बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने की आशंका भी जताई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मौसम बदलाव के दौरान सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।









