नैनीताल : हल्द्वानी, रामनगर और भीमताल क्षेत्र के 17 निजी विद्यालयों को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किए हैं। इन स्कूलों पर आरोप है कि वे NCERT पाठ्यक्रम के अलावा महंगी निजी प्रकाशनों की किताबें अनिवार्य कर अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ डाल रहे थे। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों को 15 दिनों के अंदर जवाब देने और सुधार करने के निर्देश दिए हैं।
जांच में सामने आई गंभीर अनियमितताएं
जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य शिक्षा अधिकारी की टीम ने निजी स्कूलों की किताब लिस्ट और खरीदारी प्रक्रिया की जांच की। जांच में पाया गया कि कई स्कूल NCERT की किताबों के साथ-साथ महंगी निजी प्रकाशकों की पुस्तकें अनिवार्य कर रहे थे। कुछ स्कूलों ने अभिभावकों को खास दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए दबाव बनाया, जिससे अभिभावकों को अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा था।
यह प्रथा राइट टू एजुकेशन एक्ट 2009, CBSE की गाइडलाइंस और कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 का सीधा उल्लंघन माना गया है। प्रशासन का मानना है कि शिक्षा को व्यावसायिक बनाने की इस प्रवृत्ति से मध्यम वर्गीय परिवारों पर अनावश्यक बोझ बढ़ रहा था।
प्रशासन के सख्त निर्देश
मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट रूप से कहा गया है:
सभी स्कूल 15 दिनों के अंदर संशोधित बुक लिस्ट जारी करें, जिसमें NCERT आधारित पुस्तकों को प्राथमिकता दी जाए।
किसी भी विशेष वेंडर या दुकान से किताबें खरीदने की अनिवार्यता तुरंत समाप्त की जाए।
बुक लिस्ट और फीस संरचना को स्कूल की वेबसाइट पर सार्वजनिक किया जाए।
यदि अभिभावकों से अतिरिक्त शुल्क वसूला गया है तो उसका समायोजन या पूर्ण रिफंड सुनिश्चित किया जाए।
उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें स्कूल की मान्यता निलंबित करना, भारी जुर्माना लगाना और अन्य कानूनी कदम शामिल हैं। 15 दिनों की समय-सीमा समाप्त होने के बाद संयुक्त जांच समिति स्कूलों का औचक निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करेगी।









