देहरादून : NEET UG 2026 परीक्षा में हुई कथित पेपर लीक ने पूरे देश में आक्रोश पैदा कर दिया है। कांग्रेस पार्टी ने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को तुरंत समाप्त करने की मांग की है। देहरादून में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।
कांग्रेस का केंद्र पर सीधा हमला
प्रेस वार्ता में आलोक शर्मा ने कहा कि NEET UG 2026 पेपर लीक मामले ने लाखों छात्रों और अभिभावकों के भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस गंभीर मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि जवाबदेही तय करने की बजाय राजनीतिक बचाव में लगी हुई है।
शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा, “यह सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि करोड़ों युवाओं के सपनों और वर्षों की मेहनत का सवाल है। बार-बार विवादों में घिरी NTA अब छात्र हितों की रक्षा करने में पूरी तरह असफल साबित हुई है।”
NTA को खत्म करने और शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग
कांग्रेस ने NEET UG 2026 घोटाले को लेकर सबसे बड़ी मांग रखी है — National Testing Agency (NTA) को तत्काल भंग किया जाए। पार्टी का कहना है कि NTA की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं, इसलिए इस एजेंसी को अब और नहीं चलाया जाना चाहिए।
इसके साथ ही कांग्रेस ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की बर्खास्तगी की भी मांग की। आलोक शर्मा ने कहा कि अगर देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की गोपनीयता सुरक्षित नहीं की जा सकती, तो शिक्षा मंत्री नैतिक रूप से जिम्मेदार हैं और उन्हें तुरंत पद से हटाया जाना चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग
कांग्रेस ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में CBI से जांच कराने की मांग की है। पार्टी चाहती है कि जांच समयबद्ध (Time-Bound) हो ताकि दोषी पकड़े जा सकें और छात्रों में खोया भरोसा जल्द बहाल हो सके।
आलोक शर्मा ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को नहीं सौंपी गई तो असली सच्चाई सामने नहीं आएगी। उन्होंने देशभर में फैले इस कथित माफिया नेटवर्क की गहन जांच की भी मांग की।
री-एग्जाम CBSE या UPSC से कराने का सुझाव
यदि NEET UG 2026 का पुनर्परीक्षण (Re-Exam) कराया जाता है तो उसे NTA के बजाय CBSE या UPSC जैसी विश्वसनीय संस्थाओं के माध्यम से आयोजित किया जाए। कांग्रेस का तर्क है कि NTA पर अब छात्रों का भरोसा नहीं रहा है।
छात्रों को 10 हजार रुपये मुआवजे की मांग
पार्टी ने केंद्र सरकार से यह भी मांग की है कि री-एग्जाम देने वाले सभी छात्रों को मानसिक तनाव, आर्थिक बोझ और यात्रा व्यय को ध्यान में रखते हुए 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाए। आलोक शर्मा ने कहा कि अभिभावकों ने बच्चों की तैयारी पर वर्षों की मेहनत और लाखों रुपये खर्च किए हैं, इसलिए सरकार को उनकी मदद करनी चाहिए।









