नैनीताल : उत्तराखंड के नैनीताल जिले की मल्लीताल कोतवाली में बुधवार सुबह उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब कोतवाल ने अपने सरकारी आवास के कमरे में खुद को बंद कर लिया। काफी देर तक बाहर नहीं आने और ड्यूटी पर उपस्थित न होने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद मामले की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची।
बताया जा रहा है कि अधिकारियों की मौजूदगी में कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। अंदर कोतवाल सुरक्षित मिले, हालांकि वे मानसिक रूप से तनावग्रस्त दिखाई दिए। घटना के बाद पूरे पुलिस विभाग में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आंतरिक स्तर पर जांच शुरू कर दी है।
मानसिक तनाव और विभागीय दबाव की चर्चाएं तेज
सूत्रों के अनुसार, हाल ही में कोतवाल की मूल तैनाती पर वापसी को लेकर विभागीय स्तर पर कुछ विवाद और तनाव की स्थिति बनी हुई थी। चर्चा यह भी है कि एक पुलिसकर्मी के तबादले को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी बहस हुई थी, जिसके बाद वे काफी परेशान चल रहे थे।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि लगातार प्रशासनिक दबाव और विभागीय परिस्थितियों के चलते उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित हुई। हालांकि पुलिस विभाग की ओर से इस मामले पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन घटना ने पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य और कार्यस्थल पर बढ़ते दबाव को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस विभाग में मानसिक स्वास्थ्य पर उठे सवाल
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में कार्यरत कर्मचारियों की मानसिक स्थिति और तनावपूर्ण कार्यशैली को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। लंबे समय तक ड्यूटी, लगातार दबाव और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के कारण पुलिसकर्मी मानसिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस विभाग में काउंसलिंग और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि ऐसे मामलों को समय रहते रोका जा सके। उत्तराखंड समेत देश के कई राज्यों में पहले भी पुलिसकर्मियों के तनाव और अवसाद से जुड़े मामले सामने आ चुके हैं।
प्रशासनिक स्तर पर हो सकती है जांच
घटना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि विभागीय स्तर पर घटना के कारणों की जांच कराई जा सकती है। फिलहाल कोतवाल की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।









