रुड़की : भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की द्वारा आयोजित JEE Advanced 2026 परीक्षा के परिणाम घोषित होने के महज कुछ घंटों बाद एक गंभीर डेटा लीक का मामला सामने आया है। साइबर सुरक्षा शोधकर्ता राइलेन अनिल (Rylan Anil) ने X (पूर्व Twitter) पर इस खामी को उजागर किया, जिसमें लगभग 1.87 लाख अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड और 1.79 लाख रिजल्ट रिकॉर्ड्स बिना किसी पासवर्ड या ऑथेंटिकेशन के सार्वजनिक रूप से एक्सेसिबल थे।

क्या लीक हुआ था डेटा?
शोधकर्ता के अनुसार, क्लाउड स्टोरेज (Cloud Storage) कॉन्फिगरेशन में गंभीर त्रुटि के कारण संवेदनशील जानकारी लीक हो गई थी। लीक हुए डेटा में शामिल थे:
अभ्यर्थियों के नाम
जन्मतिथि (Date of Birth)
मोबाइल नंबर
एडमिट कार्ड PDF फाइलें
परीक्षा रिजल्ट रिकॉर्ड्स
राइलेन अनिल ने स्क्रीनशॉट्स के साथ पोस्ट कर इस समस्या को सार्वजनिक किया, जिसने तुरंत ध्यान आकर्षित किया।
IIT Roorkee का आधिकारिक जवाब
IIT Roorkee ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए शोधकर्ता का आभार व्यक्त किया और मामले को जिम्मेदार एवं नैतिक कदम बताया। संस्थान ने X पर जारी बयान में स्वीकार किया कि क्लाउड स्टोरेज सिस्टम में कॉन्फिगरेशन संबंधी खामी थी, जिसे प्राथमिकता के आधार पर तुरंत ठीक कर दिया गया है।

संस्थान ने आश्वासन दिया कि प्रभावित डेटा Read-Only Mode में स्टोर किया गया था। इसलिए किसी भी प्रकार की जानकारी में बदलाव या छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं थी।
JEE Advanced 2026 परीक्षा के आंकड़े
पंजीकृत उम्मीदवार: 1,87,389
परीक्षा में शामिल: 1,79,694
उत्तीर्ण उम्मीदवार: 56,880
महिला उम्मीदवार (उत्तीर्ण): 10,107
17 मई 2026 को आयोजित इस परीक्षा के परिणाम 31 मई 2026 की देर रात घोषित किए गए थे।
JEE Advanced जैसे प्रतिष्ठित एग्जाम में डेटा सिक्योरिटी का महत्व
यह घटना देश की सबसे कठिन इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में डेटा सुरक्षा (Data Security) और गोपनीयता (Privacy) के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाती है। लाखों छात्रों की व्यक्तिगत जानकारी के लीक होने से पहचान चोरी (Identity Theft), फिशिंग अटैक्स और अन्य साइबर अपराधों का खतरा बढ़ सकता है।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि क्लाउड स्टोरेज को सेटअप करते समय Bucket Permissions, Public Access सेटिंग्स और नियमित ऑडिट बेहद जरूरी हैं। कई बार छोटी-सी कॉन्फिगरेशन गलती बड़े डेटा ब्रिच का कारण बन जाती है।










