उत्तराखंड : उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले के सल्ट क्षेत्र स्थित सरकारी इंटर कॉलेज (जीआईसी) बांगीधार में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। भूगोल विषय की प्रवक्ता आरजू अफरोज अंसारी पर 12वीं कक्षा के पांच छात्रों के साथ कथित अमानवीय व्यवहार का आरोप लगा है। आरोप है कि शिक्षिका ने अनुशासनहीनता के बहाने छात्रों के बाल कैंची से काट दिए, उनके गणवेश पर ब्लेड से वार किए और नोटबुक के पेज फाड़ दिए।
यह घटना बीते बुधवार को हुई, जिसने पूरे क्षेत्र में आक्रोश की लहर पैदा कर दी।
प्रभावित छात्र और आरोप
प्रभावित छात्रों में सौरभ, अनुज नेगी, सूरज बिष्ट, योगेश शर्मा और योगेश जोशी शामिल हैं। अभिभावकों का कहना है कि अनुशासन बनाए रखने के नाम पर बच्चों के साथ यह व्यवहार पूरी तरह अस्वीकार्य है। शिक्षिका ने न केवल शारीरिक रूप से छात्रों को ठेस पहुंचाई, बल्कि उनके मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित किया।
अभिभावकों और स्थानीय लोगों का विरोध प्रदर्शन
घटना की सूचना मिलते ही अभिभावक, स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) के सदस्य, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता विद्यालय पहुंचे। उन्होंने शिक्षिका के कृत्य की कड़ी निंदा की और उनकी तत्काल बर्खास्तगी तथा दंड की मांग की।
प्रदर्शन में शामिल प्रमुख लोग:
ग्राम प्रधान विक्रम रावत
किशोर चंद्र, साहिल रावत
प्रधान संगठन अध्यक्ष गिरीश रावत
पूर्व जिपं सदस्य नारायण सिंह रावत
अभाजयुमो जिलाध्यक्ष रोहित मेहरा
विहिप जिला संयोजक रवि सत्यवली
अन्य स्थानीय अभिभावक और शिक्षक
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बच्चों के साथ इस तरह का व्यवहार शिक्षा व्यवस्था की गरिमा को कलंकित करता है।
शिक्षिका का लिखित माफी पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवक्ता आरजू अफरोज अंसारी ने प्रधानाचार्य राजेंद्र बगोरिया को लिखित माफी पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने भविष्य में ऐसी घटना न दोहराने का आश्वासन दिया। इसके बाद वह आवश्यक कार्य का हवाला देकर अवकाश पर चली गईं, जिससे विवाद और बढ़ गया।
प्रशासन की कार्रवाई: जांच समिति गठित
स्थानीय एसडीएम रिंकू बिष्ट ने अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों के आक्रोश को देखते हुए तुरंत जांच समिति गठित कर दी है। समिति को सभी तथ्यों की बारीकी से जांच कर 26 जुलाई तक रिपोर्ट प्रधानाचार्य को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
थानाध्यक्ष कश्मीर सिंह ने बताया कि फिलहाल पीड़ित छात्रों के अभिभावकों की ओर से कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है।








