देहरादून : उत्तराखंड के सहसपुर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत बालूवाला गांव में एक गर्भवती महिला के साथ उसके पति द्वारा की गई क्रूर मारपीट ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। पति पर आरोप है कि उसने लिंग परीक्षण कराने के दबाव में पत्नी के पेट पर लात मारी, जिससे गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना का पूरा विवरण
शेर सिंह, निवासी बालूवाला, ने कोतवाली सहसपुर में तहरीर देकर बताया कि उनका दामाद बबलू (मूल निवासी डिडवाडी, पानीपत, हरियाणा) अपनी गर्भवती पत्नी सीमा पर लगातार लिंग परीक्षण का दबाव बना रहा था। जब सीमा ने मना किया तो बबलू ने न केवल शारीरिक बल प्रयोग किया बल्कि करंट लगाकर जान से मारने की कोशिश भी की।
8 जून को दोपहर लगभग 2-3 बजे की इस घटना के बाद शेर सिंह जब अपनी बेटी को देखने पहुंचे तो बबलू ने उन्हें घर में घुसने से रोका। बाद में पुलिस की मौजूदगी में बबलू ने खुद को चोट पहुंचाने की कोशिश भी की। शेर सिंह ने सीमा और बबलू को कोतवाली ले जाकर मामला दर्ज कराया।
सीमा को सबसे पहले सहसपुर सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें दून अस्पताल, देहरादून रेफर किया गया। डॉक्टरों ने पुष्टि की कि गर्भ में पल रहा शिशु मर चुका है।
शादी के बाद बदल गया व्यवहार
शादी को लगभग सात साल हो चुके थे। शुरू के कुछ साल सामान्य रहे। सीमा ने पहली बेटी को जन्म दिया तो ससुराल वालों ने नाराजगी जताई। इसके बाद बबलू का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। वह नियमित रूप से गाली-गलौज और मारपीट करने लगा।
दूसरी बेटी के जन्म के बाद स्थिति और बिगड़ी। अब सीमा तीसरी बार गर्भवती थीं। बबलू ने इस बार गर्भस्थ शिशु का लिंग परीक्षण कराने के लिए लगातार दबाव डाला। सीमा के विरोध पर उसने मारपीट की और पेट पर लात-घूंसे मारे।
पुलिस जांच शुरू
कोतवाली सहसपुर के एसएसआई मनमोहन सिंह नेगी ने बताया कि पीड़िता के पिता की तहरीर पर बबलू के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है। पीड़िता अभी भी दून अस्पताल में भर्ती है और उनका उपचार जारी है।










