देश : भारतीय निशानेबाजी के दिग्गज खिलाड़ी और कोच जसपाल राणा का शुक्रवार, 12 जून 2026 को दिल्ली के मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में निधन हो गया। वे मात्र 49 वर्ष के थे। राणा एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के प्रमुख कोच के रूप में प्रसिद्ध थे। उनका निधन हृदय संबंधी जटिलताओं के इलाज के दौरान हुआ।
जसपाल राणा का करियर: एक चैंपियन की यात्रा
उत्तरकाशी, उत्तराखंड के रहने वाले जसपाल राणा ने निशानेबाजी में कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा दिखाई। मात्र 12 वर्ष की आयु में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर पदार्पण किया और जल्द ही अंतरराष्ट्रीय पटल पर छा गए।

1994 एशियाई खेलों में उन्होंने भारत के लिए पहला शूटिंग स्वर्ण पदक जीता। 2006 एशियाई खेलों में उन्होंने तीन स्वर्ण पदक हासिल किए। कॉमनवेल्थ गेम्स में उनके नाम 15 पदक दर्ज हैं, जिनमें 9 स्वर्ण शामिल हैं। कुल मिलाकर उन्होंने 600 से अधिक पदक जीते। 2002 में उन्हें पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया, जबकि अर्जुन पुरस्कार भी उनके योगदान का प्रमाण है।

राणा न केवल एक उत्कृष्ट शूटर थे बल्कि एक प्रेरणादायक कोच भी साबित हुए। उन्होंने सौरभ चौधरी जैसे युवा निशानेबाजों को मेंटॉर किया और मनु भाकर को भी मॉनिटर किया।
मनु भाकर के साथ यात्रा: टोक्यो से पेरिस तक

मनु भाकर के कोच के रूप में जसपाल राणा का योगदान अविस्मरणीय है। टोक्यो ओलंपिक से पहले दोनों के बीच मतभेद हुआ था, लेकिन 2023 में पुनर्मिलन के बाद उन्होंने पेरिस 2024 में शानदार सफलता हासिल की। मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और मिक्स्ड टीम इवेंट में दो कांस्य पदक जीते—भारत के लिए ओलंपिक शूटिंग में 12 वर्ष बाद पहली पदक।

भाकर ने राणा को अपना मार्गदर्शक और संरक्षक बताया। राणा ने हाल ही में NRAI के हाई-परफॉर्मेंस कोच के रूप में पिस्टल शूटरों की तैयारी संभाली थी।
अचानक बीमारी और निधन
राणा म्यूनिख में ISSF वर्ल्ड कप से लौटते समय फ्लाइट में अस्वस्थ हो गए थे। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्हें मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां हृदय की बीमारी का इलाज चल रहा था। stent लगाने की प्रक्रिया के बाद भी उनकी हालत बिगड़ गई। NRAI ने उनके निधन की पुष्टि की। वे अपनी पत्नी और दो बच्चों के पीछे गए हैं।

भारतीय खेल जगत में शोक की लहर
राणा के निधन से खेल मंत्री, NRAI, मनु भाकर और पूरे शूटिंग समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी है। राणा की विरासत युवा निशानेबाजों को प्रेरित करती रहेगी।









