देहरादून : उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी की निर्मम हत्या का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। सितंबर 2022 में पौड़ी जिले के यमकेश्वर क्षेत्र के एक रिसॉर्ट में हुई इस घटना ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। अब लोकसभा सांसद डिंपल यादव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिखकर मामले में तेज न्यायिक प्रक्रिया की मांग की है। 10 जून 2026 को लिखे गए इस पत्र में सांसद ने सीबीआई जांच को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने पर जोर दिया है।
घटना का पृष्ठभूमि
अंकिता भंडारी 19 वर्षीय युवती थीं, जो यमकेश्वर के एक रिसॉर्ट में नौकरी करती थीं। सितंबर 2022 में उनकी लाश नजदीकी नहर से बरामद की गई। मामले में रिसॉर्ट संचालक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। घटना के बाद पूरे उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे। राज्य सरकार ने मामले की सीबीआई जांच सौंपी थी, लेकिन तीन साल से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न्यायिक प्रक्रिया में तेजी नहीं आई है।
डिंपल यादव का पत्र और मांगें
मैनपुरी लोकसभा सीट से सांसद डिंपल यादव ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखे पत्र में अंकिता भंडारी हत्याकांड को “संवेदनशील मामला” बताते हुए त्वरित कार्रवाई की अपील की। उन्होंने लिखा कि पीड़ित परिवार अभी भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। हाल ही में परिवार से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए डिंपल यादव ने कहा कि परिवार की पीड़ा तब तक कम नहीं होगी, जब तक दोषियों को सजा नहीं मिलती।

पत्र में सांसद ने प्रभावशाली व्यक्तियों की संभावित भूमिका की आशंकाओं का भी उल्लेख किया, जिनकी जांच सीबीआई कर रही है। उन्होंने मांग की कि जांच रिपोर्ट को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए और सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि कोई भी दोषी बच न पाए।
डिंपल यादव ने राज्य सरकार से अपील की कि महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए ऐसे मामलों का त्वरित निपटारा जरूरी है।
परिवार की चिंताएं और न्याय की मांग।
पीड़ित परिवार ने बार-बार न्यायिक प्रक्रिया में हो रही देरी पर चिंता जताई है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि लंबी सुनवाई और जांच की धीमी गति उनके घावों को और गहरा कर रही है। अंकिता की हत्या ने न केवल परिवार बल्कि पूरे राज्य की महिलाओं के मन में असुरक्षा का भाव पैदा किया था।
मामले में सीबीआई की भूमिका महत्वपूर्ण है। परिवार की अपेक्षा है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध हो। प्रभावशाली लोगों की कथित संलिप्तता की जांच पूरी हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले।









