देहरादून : उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र के बसई में स्थित जेएसआर इंदु इंटर कॉलेज में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। 9 वर्षीय दिव्यांग बालिका प्रज्ञा की शनिवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। विद्यालय स्टाफ द्वारा तुरंत सरकारी अस्पताल पहुंचाए जाने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना का विवरण
विद्यालय प्रशासन के अनुसार, शनिवार सुबह प्रज्ञा अचेत अवस्था में पाई गई। तुरंत स्कूल स्टाफ ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका। कोतवाल सुशील कुमार ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवाया गया और रिपोर्ट के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल प्रारंभिक रिपोर्ट में किसी प्रकार की संदिग्ध परिस्थिति का संकेत नहीं मिला है, लेकिन पूर्ण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी।
परिवार की पृष्ठभूमि
रायपुर जसपुर निवासी राज सिंह तीन दिव्यांग बच्चों के पिता हैं। सभी बच्चे बचपन से ही मानसिक और शारीरिक रूप से दिव्यांग हैं। राज सिंह ने बच्चों की बेहतर पढ़ाई और स्वास्थ्य देखभाल के उद्देश्य से 1 जून को तीनों बच्चों को बसई स्थित जेएसआर इंदु इंटर कॉलेज में प्रवेश दिलाया था। वे स्वयं बसई के एक राइस मिल में काम करते हैं ताकि बच्चों की देखभाल कर सकें।
स्कूल प्रशासन ने बच्चों को प्रवेश देते समय 15 दिनों की निगरानी अवधि रखी थी। सबसे छोटी बेटी प्रज्ञा अपनी उम्र के हिसाब से काफी कमजोर और संवेदनशील थी। परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य है, लेकिन दिव्यांग बच्चों की देखभाल में आने वाली चुनौतियां काफी बड़ी हैं।
दिव्यांग बच्चों की शिक्षा और देखभाल की चुनौतियां
यह घटना दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था और स्कूलों में उनकी देखभाल के स्तर पर सवाल उठाती है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए स्कूलों में प्रशिक्षित स्टाफ, मेडिकल सुविधाएं और नियमित स्वास्थ्य जांच की जरूरत पर जोर दिया जा रहा है।
उत्तराखंड समेत पूरे देश में दिव्यांग बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकारी योजनाएं चल रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका क्रियान्वयन चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं परिवारों को मानसिक और आर्थिक रूप से तोड़ देती हैं।
परिजनों की दर्द भरी अपील
परिजनों ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि प्रज्ञा बहुत ही कोमल स्वभाव की थी। पिता राज सिंह का कहना है कि वे बच्चों की बेहतर भविष्य के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन यह घटना उनके सपनों को चूर कर गई है। उन्होंने स्कूल और प्रशासन से दिव्यांग बच्चों के प्रति अधिक सतर्कता बरतने की अपील की है।
स्थानीय लोग भी इस घटना से आहत हैं। कई सामाजिक संगठन परिवार के साथ सहानुभूति जता रहे हैं और दिव्यांग बच्चों की सुरक्षा के लिए जागरूकता अभियान चलाने की बात कर रहे हैं









