चंपावत : लोहाघाट उप जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज की स्थिति जानने के लिए विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने अस्पताल में तीमारदार के फोन से नर्सिंग स्टाफ से बात करनी चाही। लेकिन फोन उठाने वाले नर्सिंग स्टाफ ने पहला जवाब दिया, “मैं थाने से बोल रहा हूं, बताइए क्या काम है?” यह सुनते ही विधायक का पारा हाई हो गया और तुरंत अस्पताल पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि एक तीमारदार ने विधायक से अस्पताल में इलाज और मरीज की देखभाल को लेकर शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद विधायक ने स्वयं अस्पताल में फोन पर मरीज की स्थिति जाननी चाही। फोन पर मिले जवाब से नाराज विधायक सीधे अस्पताल पहुंचे और चिकित्सा अधीक्षक व स्टाफ की मौजूदगी में संबंधित युवक से जवाब-तलब किया।
जांच के दौरान पता चला कि फोन उठाने वाला युवक अस्पताल में अप्रेंटिस के रूप में प्रशिक्षण ले रहा था। विधायक ने उसे अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाते हुए कड़ी फटकार लगाई। बाद में युवक द्वारा माफी मांगने पर मामला शांत हो गया।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी ने भी संबंधित युवक को भविष्य में इस तरह की लापरवाही न दोहराने की चेतावनी दी। विधायक ने कहा कि अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों से शालीन व्यवहार होना चाहिए, क्योंकि छोटी-सी लापरवाही भी पूरे अस्पताल की छवि को प्रभावित करती है।








